
३ चैत, काठमाडौं। अर्जेन्टिनाने मंगलवार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्युएचओ) से औपचारिक रूप से अपनी सदस्यता वापस ले ली है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद, अर्जेन्टिनाने भी अपना डब्ल्युएचओ सदस्यता त्याग दिया है। अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में यही निर्णय लिया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाने वाले अर्जेन्टिनी राष्ट्रपति ज्यावियर माइली की सरकार ने कोविड-१९ महामारी नियंत्रण में विश्व स्वास्थ्य संगठन की आलोचना करते हुए एक साल पहले संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य संस्था छोड़ने की घोषणा की थी।
अर्जेन्टिनाई विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अंतरराष्ट्रीय संधि के द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
‘अर्जेन्टिनाने अपनी संप्रभुता और स्वास्थ्य नीतियों पर निर्णय लेने की स्वतंत्रता पूरी तरह से संरक्षित रखेगा और द्विपक्षीय समझौतों तथा क्षेत्रीय मंचों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग को जारी रखेगा,’ अर्जेन्टिनी विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने सामाजिक संजाल एक्स पर कहा है।
पिछले वर्ष अर्जेन्टिनाने विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों को विज्ञान आधारित न होकर राजनीतिक हितों पर आधारित बताते हुए उन्हें प्रभावी नहीं माना था।
ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापसी के बाद बहुराष्ट्रीय समूह से बाहर निकलने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के एक वर्ष बाद जनवरी में अमेरिका ने डब्ल्युएचओ से औपचारिक रूप से बाहर निकलने की घोषणा की थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुखार उन्मूलन, पोलियो, एचआईवी, इबोला और क्षयरोग जैसे रोगों से लड़ने और सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों का प्रबंधन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पिछले जनवरी में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम गेहब्रेयसस ने इस निर्णय पर गहरा खेद जताते हुए कहा था कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका और पूरी दुनिया को असुरक्षित बना देगा। –रासस






