
समाचार सारांश
समीक्षा गरि तयार पारिएको।
- एशोसिएसन अफ नेपाली ओरिजिन (एएनओ) की अंतरराष्ट्रीय समिति ने विश्वभर के नेपाली मूल के नागरिकों को नेपाल से जोड़ने के लिए सरकार से पहल करने का अनुरोध किया है।
- एएनओ के प्रतिनिधिमंडल ने परराष्ट्रमंत्री बालानंद शर्मा से मुलाकात कर नेपाली मूल के नागरिकों को परिचय पत्र देने एवं त्रिभुवन विमानस्थल में अलग डेस्क की व्यवस्था करने की मांग की है।
- परराष्ट्रमंत्री शर्मा ने एएनओ की मांगों को राष्ट्रहित के लिए गंभीरता से सुनने और विस्तृत बैठक कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
३ चैत, काठमांडू। एशोसिएसन अफ नेपाली ओरिजिन (एएनओ) की अंतरराष्ट्रीय समिति ने विश्वभर के नेपाली मूल के नागरिकों को नेपाल से जोड़ने के मुद्दे पर सरकार से पहल करने का आग्रह किया है।
दुनिया भर में फैले नेपाली मूल के समुदायों के संगठन एएनओ के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को परराष्ट्रमंत्री बालानंद शर्मा से मुलाकात कर ध्यानाकर्षण पत्र सौंपा।
एएनओ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डिल्ली अधिकारी, उपाध्यक्ष सुशील पंत, महासचिव चुडामणि भट्टराई, नेपाल चैप्टर अध्यक्ष कृष्णप्रसाद सापकोटा सहित प्रतिनिधिमंडल ने विश्वभर के पीढ़ियों से मौजूद नेपाली मूल के नागरिकों को परिचय पत्र देने और त्रिभुवन विमानस्थल के आगमन क्षेत्र में अलग डेस्क स्थापित करने की मांग की।
इसके अलावा पूर्वी नेपाल के विभिन्न शिविरों में लगभग ७ हजार भुटानी शरणार्थियों के मानवाधिकार और मानवीय दृष्टिकोण से उचित प्रबंधन की भी मांग प्रतिनिधिमंडल ने उठाई है।
नेपाल के अलावा अन्य देशों में भी नेपाली पहचान को बढ़ाने में मदद कर रहा होने का उल्लेख करते हुए एएनओ के अध्यक्ष डिल्ली अधिकारी ने कहा कि यदि नेपाल सरकार का समर्थन मिला तो यह नेपाल के वार्षिक बजट से भी बड़ी निवेश देश में ला सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता तथा एएनओ के उपाध्यक्ष सुशीलकुमार पंत ने नेपाली भावना और नेपालीपन को जोड़ते हुए एएनओ की यात्रा आगे बढ़ रही है, और सरकार से इस विषय को राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से गंभीरता से लेने का आग्रह किया।
ध्यानाकर्षण पत्र प्राप्त करते हुए परराष्ट्रमंत्री बालानंद शर्मा ने कहा कि एएनओ की मांगें नेपाल की पहचान विस्तार में सहायक हैं, इसलिए संबंधित संस्थाओं के साथ व्यापक बैठक कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
स्वयं सैनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने पौराणिक काल से मौजूद नेपाली मूल के लोगों से मिलने का अनुभव साझा किया और कहा कि उन्हें उनके पुर्खों के देश से जोड़ने वाला सार्थक अभियान आगे बढ़ेगा।
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