
४ चैत, काठमाडौं। अमेरिका के आतंकवाद नियंत्रण केंद्र के प्रमुख जो केन्ट ने ईरान के खिलाफ युद्ध का विरोध करते हुए पद से इस्तीफा दिया है।
उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से सार्वजनिक की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को संबोधित किए गए इस्तीफे के पत्र में उन्होंने ईरान के साथ युद्ध के प्रति गहन असहमति व्यक्त की है।
केन्ट ने अपने पत्र में लिखा है कि ‘ईरान अमेरिका के लिए कोई खतरा नहीं था’ और यह युद्ध इजरायल और उससे जुड़े अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि वह नैतिक रूप से ऐसे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते और इसी कारण से पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
जो केन्ट कौन हैं?
४५ वर्षीय केन्ट पूर्व अमेरिकी सेना के विशेष बल (स्पेशल फोर्सेस) के सदस्य हैं। वे ११ बार युद्धक्षेत्र में सेवा कर चुके हैं, जिनमें इराक़ युद्ध शामिल है। उनकी पत्नी श्यानन केन्ट की वर्ष २०१९ में सीरिया में एक आत्मघाती हमला में मृत्यु हो चुकी है।
सैनिक सेवा से संन्यास लेने के बाद उन्होंने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) में कार्य किया और बाद में राजनीति में प्रवेश किया। वे रिपब्लिकन पार्टी से दो बार संसद सदस्य पद के लिए उम्मीदवार रहे, लेकिन असफल रहे।
केन्ट ने आतंकवाद विरोधी केंद्र (नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर) के निदेशक के रूप में केवल लगभग आठ महीने तक काम किया था।
केन्ट ने ईरान के खिलाफ युद्ध को ‘अनावश्यक और गलत सूचनाओं पर आधारित’ बताया है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प की पूर्व नीति ‘अनंत युद्धों से दूर रहने’ की बात को याद करते हुए कहा कि ट्रम्प का वर्तमान निर्णय इसके विपरीत है।
उन्होंने अपने पत्र में इजरायली अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया पर गलत संदेश फैलाकर युद्ध की राह बनाएं जाने का आरोप लगाया। साथ ही, अपनी पत्नी की मृत्यु को युद्ध से जोड़ते हुए कहा कि अगली पीढ़ी को इस तरह के युद्ध में नहीं भेजा जा सकता।
ट्रम्प ने क्या कहा?
केन्ट के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने उन पर ‘सुरक्षा मामलों में कमजोर’ होने का आरोप लगाया और कहा कि उनका जाना उचित था।
केन्ट द्वारा इजरायल की भूमिका पर की गई टिप्पणी के कारण कुछ नेताओं ने उन्हें ‘यहूदी विरोधी’ भी बताया है। लेकिन उनके समर्थकों ने इसे ‘साहसिक और सिद्धांतगत फैसला’ मानकर उनकी प्रशंसा की है।
केन्ट का इस्तीफा ट्रम्प प्रशासन में ईरान युद्ध विरोधी उच्चतम स्तर का विरोध माना जा रहा है, जो अमेरिकी विदेश नीति में और अधिक बहस और विभाजन को दर्शाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि केन्ट का इस्तीफा तत्काल अमेरिकी नीति में बड़ा बदलाव नहीं ला सकता लेकिन राजनीतिक प्रभाव जरूर डाल सकता है।
विशेष रूप से आगामी मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रम्प समर्थकों के बीच असंतोष बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं।






