Skip to main content

पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रही ‘सुन गुफा’

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद प्रस्तुत।

  • पोखरा महानगरपालिका–33 भरतपोखरी के तिकलाङ में स्थित सुन गुफा को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए स्थानीय लोग सक्रिय हैं।
  • सुन गुफा के संरक्षण एवं विकास के लिए 2076 में कार्यालय भवन का निर्माण हो चुका है और लगभग 50 लाख रुपये के पूर्वाधार विकास कार्य संपन्न हो चुके हैं।
  • पोखरा–33 के वार्ड अध्यक्ष रामचंद्र अधिकारी ने कहा कि सुन गुफा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ कृषि पर्यटन को भी प्राथमिकता दी गई है।

4 चैत्र, गण्डकी। पर्यटन राजधानी पोखरा गुफाओं का शहर भी है। यहाँ मौजूद महेन्द्र, चमेरे, गुप्तेश्वर महादेव सहित अनेक गुफाएं पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं।

विभिन्न रहस्यमय गुफाओं के कारण पोखरा आने वाले पर्यटकों का प्रवास अवधि बढ़ जाती है। इसी कड़ी में पोखरा महानगरपालिका–33 भरतपोखरी के तिकलाङ स्थित सुन गुफा को एक नया पर्यटन स्थल बनाने के लिए स्थानीय लोग सक्रिय हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार अनुमानित डेढ़ किलोमीटर लंबी यह गुफा तिकलाङ खेल मैदान के मध्य से सेती नदी की ओर चुनेपहरा तक फैली हुई है।

स्थानीय लोग इस गुफा के बारे में पहले से जानते थे लेकिन इसका पर्यटक उपयोग प्रति उनकी रुचि धीरे-धीरे बढ़ी है, यह बात चुने पहरा सुन गुफा संरक्षण समिति के अध्यक्ष संगीत बानियाँ ने कही।

उन्होंने बताया कि गुफा के संरक्षण और विकास में तत्कालीन पर्यटन मंत्री रविन्द्र अधिकारी ने भी रुचि दिखाई थी।

अध्यक्ष बानियाँ के अनुसार, अधिकारी के अलावा यहाँ के संसद सदस्य विद्या भट्टराई, तत्कालीन वार्ड अध्यक्ष शिवप्रसाद आचार्य और वर्तमान वार्ड अध्यक्ष रामचंद्र अधिकारी ने गुफा के विकास और प्रचार में सहयोग दिया है।

पिछले कुछ वर्षों में गुफा के पूर्वाधार विकास में भी राज्य का विशेष ध्यान रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक केंद्रीय एवं स्थानीय बजट से लगभग 50 लाख रुपये के पूर्वाधार विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

2076 में गुफा संरक्षण एवं विकास के लिए एक कार्यालय भवन का निर्माण भी हो चुका है। अध्यक्ष बानियाँ ने बताया कि गुफा के प्रवेश द्वार सहित परिसर व्यवस्था, सीढ़ी मार्ग निर्माण जैसे कार्य पूरे हो चुके हैं।

गुफा के साथ लगभग 30 रोपनी भूमि क्षेत्र है। अध्यक्ष के अनुसार, इस गुफा के अंदर प्राकृतिक आकृतियाँ और बड़ी संख्या में चमगादड़ देखे जा सकते हैं।

पूर्वाधार विकास को प्राथमिकता देते हुए गुफा में बिजली बत्ती, शौचालय सहित अन्य सुविधाएँ पूरी कर पर्यटकों के लिए औपचारिक रूप से खोलने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी प्राचीन है।

पृथ्वी राज मार्ग के तहत पोखरा महानगरपालिका–30 पावरहाउस से लगभग 10 मिनट की पैदल दूरी पर यह गुफा स्थित है। यहाँ सार्वजनिक परिवहन से आसानी से पहुँचा जा सकता है। गुफा से ऊपर तिकलाङ चोक तक भी पोखरा महानगरपालिका की सार्वजनिक बसें नियमित चलती हैं।

हाल ही में कृषि पर्यटन के केंद्र के रूप में उभरे तिकलाङ एवं समग्र बागमारा क्षेत्र को दूध की नगरी के रूप में जाना जाता है। गुफा देखने आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के दूध, तरकारी जैसे उत्पादों को यादगार तौर पर अपने साथ ले जा सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पोखरा के दोभिल्ला से पुडिटार तक विश्व बैंक के सहयोग से बने चौड़े सड़क मार्ग ने इस क्षेत्र का रूपांतरण किया है। गुफा सहित क्षेत्र के पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, यह बात पोखरा–33 के वार्ड अध्यक्ष रामचंद्र अधिकारी ने कही।

“हम इस क्षेत्र की संभावनाओं को उजागर करना चाहते हैं,” उन्होंने कहा, “सुन गुफा के प्रचार के साथ यहां के कृषि पर्यटन संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित करना हमारा लक्ष्य है।”

युवा पदम थापा ने कहा कि सुन गुफा को पर्यटन के अवसरों से भरपूर स्थल मानते हुए इसकी पर्यटक क्षमता के लिए सभी का ध्यान होना चाहिए। संरक्षण, प्रचार-प्रसार से आंतरिक पर्यटन विकास होगा और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि भी संभव होगी।

“यदि गुफा देखने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती है तो स्थानीय लोगों के रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा,” उन्होंने कहा, “अधिक पर्यटक आगमन उत्पाद विपणन में भी मददगार होगा, इसलिए गुफा का पर्यटन उपयोग आवश्यक है।”