ऊर्जा संकट गहराने के बीच श्रीलंका ने रात में ईवी चार्जिंग न करने की अपील की

समाचार सारांश
सम्पादकीय समीक्षा गरिएको छ।
- श्रीलंका में विद्युत् प्रणाली पर दबाव बढ़ने के कारण इलेक्ट्रिक वाहन चालकों से रात में कार चार्ज न करने की अपील की गई है।
- राष्ट्रपति अनुराकुमार दिसानायक ने बताया कि रात में चार्ज करने से ग्रिड पर 300 मेगावाट अतिरिक्त मांग बढ़ जाती है।
- ऊर्जा संकट के कारण श्रीलंका में ईंधन की कमी हुई है, जिसके चलते राशनिंग और चार दिन कार्यसप्ताह लागू किया गया है।
ऊर्जा संकट के गहराने के कारण श्रीलंका ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे रात के समय वाहन न चार्ज करें। बढ़ती विद्युत मांग के कारण देश के विद्युत प्रणाली पर भारी दबाव पड़ने के कारण यह आग्रह किया गया है।
राष्ट्रपति अनुराकुमार दिसानायक ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए बताया कि रात को घर लौटने पर कई ईवी चालक अपना वाहन चार्ज करने लगते हैं, जिससे विद्युत ग्रिड पर लगभग 300 मेगावाट अतिरिक्त मांग बढ़ जाती है। इससे विद्युत आपूर्ति में असंतुलन उत्पन्न होता है और उपलब्ध सभी उत्पादन स्रोतों को संचालित करना पड़ता है।
श्रीलंका में रात के समय लगभग 900 मेगावाट कोयला और 1000 मेगावाट डीजल से बिजली उत्पादन होता है। हालांकि सरकार ने स्वीकार किया है कि ये पर्यावरण के अनुकूल विकल्प नहीं हैं। इससे ईवी को स्वच्छ ऊर्जा का प्रतीक मानने वाले विचार के विपरीत स्थिति उत्पन्न हुई है।
देश में पर्याप्त सौर ऊर्जा उत्पादन के बावजूद बड़े स्तर पर बैटरी भंडारण प्रणाली की कमी है, जिससे दिन के समय उत्पन्न अतिरिक्त ऊर्जा को सुरक्षित नहीं किया जा सकता, यह सरकार का कहना है।
इसी कारण राष्ट्रपति दिसानायक ने नागरिकों से दिन के दौरान सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए अपना वाहन चार्ज करने का आग्रह किया है। साथ ही रात की चार्जिंग को नियंत्रित करने के लिए जल्दी ही शुल्क प्रणाली लागू करने की तैयारी भी चल रही है।
हाल में श्रीलंका में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। पिछले वर्ष फरवरी में पांच साल से जारी वाहन आयात प्रतिबंध हटाने के बाद आयात की गई गाड़ियों में से 10 प्रतिशत से अधिक पूरी तरह विद्युत चालित हैं।
मध्य पूर्व में जारी युद्ध से उत्पन्न ऊर्जा संकट का श्रीलंका पर और प्रभाव पड़ा है। सरकार ने इंधन की कमी को नियंत्रित करने के लिए राशनिंग लागू की है और इंधन बचाने के लिए चार दिन कार्यसप्ताह भी लागू किया है।
राष्ट्रपति दिसानायक ने बताया कि युद्ध के कारण 90 हजार टन कच्चे तेल की दो खेप प्राप्त नहीं हो सकीं। वे परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के लिए भारत और रूस जैसे मित्र देशों से वार्ता कर रहे हैं।
ऊर्जा बचत अभियान के प्रभाव से बुधवार को देश के सड़कों पर सामान्य से कम भीड़-भाड़ देखी गई और स्कूल, सरकारी कार्यालय एवं बैंक बंद रहने से रेल व बस स्टेशनों पर भी भीड़ कम थी।






