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‘मेरो निर्णय पराजित मानसिकता को परिणाम होइन’ – गगन थापा

समाचार सारांश

  • कांग्रेस सभापति गगन थापाले दिएको राजीनामा पराजित मानसिकता की उपज नभएको बताएका हैं।
  • थापाले राजीनामा पत्र में नेतृत्व के दायित्व के अनुसार लोकतांत्रिक संस्कार में परिणाम की जिम्मेदारी लेना अपना निर्णय बताया।
  • वे पार्टी सुधार और पुनर्निर्माण की यात्रा से अलग नहीं हैं और आने वाले दिनों में देश के विभिन्न भागों में संवाद करने का योजना बना रहे हैं।

५ चैत, काठमाडौँ । कांग्रेस सभापति गगन थापाले स्वयं दिया गया राजीनामा पराजित मानसिकता का परिणाम नहीं होने का स्पष्ट किया है।

सभापति थापाले बुधवार उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा को सौंपे गए राजीनामा पत्र में राजीनामा देने का कारण विस्तार से बताया। ‘मेरा यह निर्णय कोई पराजित मानसिकता का फलफ़ूल नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्कार में परिणाम की जिम्मेदारी लेना नेतृत्व की जिम्मेवारी भी है, यह जिम्मेदारीबोध की अभिव्यक्ति है,’ थापाका राजीनामा पत्र में उल्लेख है।

उन्होंने दावा किया कि अपने दायित्व का निर्वाह करते या निर्णय लेते समय देश, लोकतंत्र और पार्टी के हित में उचित निर्णय ही लिए। भले ही सभापति पद से राजीनामा दिया हो, लेकिन पार्टी सुधार और पुनर्निर्माण की यात्रा से वे अलग नहीं हुए हैं।

‘आज मैंने पार्टी के सभापति पद से राजीनामा देने का निर्णय लिया है, लेकिन पार्टी सुधार और पुनर्निर्माण की यात्रा से अलग नहीं हुआ हूँ,’ उन्होंने कहा, ‘आने वाले दिनों में मैं देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पार्टी के साथी और आम नागरिकों से संवाद करूंगा, उनकी भावना समझूंगा और सुझाव सुनूंगा। नेपाली कांग्रेस के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण की यात्रा में सक्रिय रूप से योगदान देता रहूँगा।’

थापाले पार्टी के विभिन्न स्तरों पर मौजूद समर्थक एवं शुभेच्छुकों द्वारा भेजे गए संदेशों से ऊर्जा मिली है। ‘वे संदेश मात्र समर्थन नहीं, बल्कि भविष्य की आशा और विश्वास के प्रतीक हैं। मुझे अपने प्रति उस विश्वास को और गहराई से बनाए रखना चाहिए, इस बात में मैं स्पष्ट हूँ,’ थापाका राजीनामा पत्र में भी ऐसा उल्लेख है।