
राष्ट्रीय लीग फुटबॉल और एन्फा महिला लीग को एक ही दिन स्थगित करने के लिए बाध्य करने का कारण अध्यागमन विभाग का एक पत्र था।
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया।
- अध्यागमन विभाग ने पर्यटक वीजा पर स्थित विदेशी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय फुटबॉल लीग में खेलने से रोकने के लिए अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) को पत्र भेजा।
- एन्फा ने अध्यागमन विभाग का पत्र मिलने के बाद राष्ट्रीय पुरुष और महिला लीग के मैच तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिए।
- राष्ट्रीय खेल परिषद ने चैत 13 को होने वाली एन्फा की सामान्य सभा और चुनाव स्थगित करने की जानकारी दी है।
5 चैत, काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने लगभग दो तिहाई बहुमत लाकर सरकार गठन के विषय में सभी का ध्यान खींचा, वहीं गुरुवार को नेपाली फुटबॉल ने माहौल गरम कर दिया।
फुटबॉल से जुड़ी विवादों में पत्र भेजने, आदेश देने से लेकर राष्ट्रीय युवा टीम को विदाई देने का कार्य एक ही दिन हुआ।
यह राष्ट्रीय पुरुष लीग 30 पुष से शुरू हुआ और चैत 4 से शुरू हुई शहीद स्मारक महिला लीग के मैच गुरुवार से स्थगित कर दिए गए हैं।
अध्यागमन विभाग ने पर्यटक वीजा पर विदेशी खिलाड़ियों के खेलने को रोकने के लिए एन्फा को पत्र लिखा था, जिसके बाद एन्फा ने इन लीगों को स्थगित कर दिया।
एन्फा के ए डिवीजन लीग के फैसले के खिलाफ डिवीजन क्लबों ने एन्फा परिसर के बाहर चार दिन तक रिले हड़ताल की।

राष्ट्रीय खेल परिषद ने चैत 13 को होने वाली एन्फा सामान्य सभा और चुनाव स्थगित करने का पत्र भी एन्फा को गुरुवार को भेजा है।
एन्फा ने मालदीव में होने वाले साफ यू-20 चैम्पियनशिप के लिए नेपाली यू-20 पुरुष टीम को होटल में कार्यक्रम आयोजित कर विदाई दी।
एन्फा अध्यक्ष पंकज विक्रम नेम्वांग और महासचिव किरण राई, राष्ट्रीय खेल परिषद के सदस्य सचिव रामचरित्र मेहताल से मिलने त्रिपुरेश्वर स्थित राखेप कार्यालय भी गए।
दिन भर फुटबॉल विषय पर चर्चा हुई, लेकिन परिणाम ज्यादा सकारात्मक नहीं रहा। लीग स्थगित होने से खिलाड़ियों के खेलने का मौका खतरे में है।
जैसे कहा जाता है, ‘सांड की लड़ाई में बछड़े की चोट लगना’, नेतृत्व में काबिलियत न होने पर खिलाड़ियों को ही नुकसान होता है।
फिर भी एन्फा चैत 13 के भीतर चुनाव कराने की तैयारी में आगे बढ़ रहा है।
सातदोबाटो स्थित एन्फा परिसर में विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी एफसी और सातदोबाटो यूथ क्लब राष्ट्रीय लीग के मैच नंबर 99 में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। इस दौरान एन्फा ने मैच नंबर 97 और 100 से 136 तक के मैच तकनीकी कारणों से स्थगित कर 17 क्लबों को पत्र भेजा।
गुरुवार सुबह कास्की के लगिगुराँस एसोसिएशन क्लब ने चित्लाङ एफसी को 1-0 से हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। लालिगुराँस 13 मैचों में 24 अंकों के साथ अविजित हैं।
आर्मी भी 1-0 की जीत से 26 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंचा।
शीर्ष तीन में मच्छिन्द्र एफसी और एपीएफ भी जीत का लक्ष्य लेकर शीर्ष स्थान पर पहुंचना चाहते थे। दोनों टीमों के 25 अंक थे, जीतने वाली टीम के 28 अंक हो जाते।
लेकिन एपीएफ और मच्छिन्द्र के बीच मैच नहीं हो पाया। अब जब तक लीग फिर से शुरू नहीं होती, लालिगुराँस और आर्मी क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर ही रहेंगे।
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एन्फा ने पहली बार महिला फुटबॉल शहीद स्मारक महिला लीग बुधवार से शुरू किया था। नौ महिला टीमों वाली इस लीग में पहले दिन दो और दूसरे दिन दो मैच खेले गए थे।
च्यासल में चल रहे लीग के दूसरे दिन दो मैच हुए। लेकिन मैच नंबर 5 के बाद शहीद स्मारक महिला लीग के मैच भी तकनीकी कारणों से अगले सूचना तक स्थगित कर 9 क्लबों को पत्र भेजा गया।
गुरुवार को नेपाल पुलिस क्लब ने चर्च बॉयज यूनाइटेड को 5-0 से हराया। इससे पहले बागमती यूथ क्लब ने आरएस पोखरा को 5-4 से हराया था। पहले दिन संकटाले एनआरटी को 4-0 और दूसरे दिन त्रिभुवन आर्मी क्लब ने झापा एफसी को 5-0 से हराया था।
अब विभागीय टीम एपीएफ का खेल बाकी है।

अध्यागमन के पत्र के बाद लिग स्थगित
एन्फा की दो लीगों को एक दिन में स्थगित करने के पीछे अध्यागमन विभाग का यह पत्र था।
राष्ट्रीय लीग में पर्यटक वीजा पर विदेशी खेल रहे होने की शिकायत मिलने पर गुरुवार सुबह अध्यागमन विभाग ने युवा तथा खेलकुद मंत्रालय और राखेप को सूचित करते हुए एन्फा को पत्र भेजा। इसके बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
अध्यागमन विभाग के प्रवक्ता टीकाराम ढकाल ने कहा, ‘पर्यटक वीजा लेकर यहाँ खेलना मना है। हम खेलाने वाले संस्थान को जिम्मेदार ठहराएंगे, नियम न मानने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हमने श्रम स्वीकृति के लिए पत्र भेजा है।’
अध्यागमन नियमावली 2051 की नियम 20 के अनुसार वीजाधारक वीजा के उद्देश्य के अलावा काम नहीं कर सकते।
एन्फा ने पुरुष और महिला लीग में पर्यटक वीजा वाले विदेशी खिलाड़ियों को खेलने दिया, इस पर विभाग ने शिकायत मिलने के बाद पत्र भेजा।
पत्र में लिखा है कि विदेशी खिलाड़ी नियम के तहत श्रम स्वीकृति लेकर ही खेल सकते हैं और अब से जांच शुरू हो चुकी है। बिना स्वीकृति के खिलाड़ियों को वीजा के उद्देश्य के विपरीत खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और तत्काल कार्रवाई होगी।
श्रम स्वीकृति के बिना विदेशी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय लीग में खेलने देने की शिकायत पहले भी राष्ट्रीय खेल परिषद और अध्यागमन विभाग को मिली थी।

इसके बाद राष्ट्रीय खेल परिषद ने चैत 1 को एन्फा को बिना श्रम स्वीकृति के खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों की सूची मांगने का पत्र भेजा, लेकिन एन्फा ने लीग जारी रखा।
अध्यागमन का पत्र मिलने के बाद एन्फा लीग स्थगित करने पर मजबूर हुआ।
एन्फा के सीईओ इन्द्रमान तुलाधर ने भी इस पत्र के बाद लीग स्थगित होने की बात स्वीकार की।
दोपहर में राखेप ने चैत 13 को सामान्य सभा और चुनाव न करने को लेकर कड़ा पत्र भेजा, जिससे विवाद और बढ़ा। इसके बाद एन्फा नेतृत्व राखेप सदस्य सचिव से मिलने गया।
एन्फा के प्रवक्ता ने बताया कि चुनाव विषय पर फीफा से भी चर्चा हुई और विधान के अनुसार चुनाव आगे बढ़ाई जा रही है। अध्यक्ष और महासचिव ने राखेप सदस्य सचिव को यह जानकारी दी।
गुरुवार शाम को एन्फा महासचिव किरण राई ने सदस्य जिला, क्लब और संघों को पत्र लिखकर चैत 13 को होने वाले चुनाव में भाग लेने का आह्वान किया और बैठक सूची भी भेजी।
एन्फा चुनाव के बारे में सवाल पर प्रवक्ता ने संक्षेप में बताया, ‘एन्फा विधान के अनुसार चुनाव आगे बढ़ाया गया है।’






