बाबुराम भट्टराई का कथन: नेपाल के हालिया चुनाव से विश्व और नेपाली राजनीति में नया आयाम आ सकता है

५ चैत, काठमाडौं। पूर्व प्रधानमंत्री डा. बाबुराम भट्टराई ने नेपाल के हालिया चुनाव को विश्व और नेपाली राजनीति को नयी दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बिंदु बताया है। उन्होंने गुरुवार को फेसबुक के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम से केवल कम्युनिस्ट आन्दोलन ही नहीं, बल्कि लोकतान्त्रिक आन्दोलन की भी गहन समीक्षा आवश्यक है।
‘नेपाल के हालिया चुनाव परिणाम से न केवल कम्युनिस्ट आन्दोलन, बल्कि समग्र लोकतान्त्रिक आन्दोलन की वस्तुनिष्ठ समीक्षा करते हुए २१वीं सदी में विश्व तथा नेपाली राजनीति को नए तरीके से पुनर्गठित करने का एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बिंदु बन सकता है,’ भट्टराई ने लिखा है।
उन्होंने बताया कि २१वीं सदी के साथ चौथी और पांचवीं औद्योगिक क्रांति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी अत्याधुनिक तकनीकें, अत्यधिक वैश्वीकरण वाला आर्थिक तंत्र, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और भौतिक, सामाजिक एवं संज्ञानात्मक क्षेत्र में आए नवीनतम विज्ञान-ज्ञान ने असीम संभावनाएँ प्रस्तुत की हैं।
साथ ही, चरम आर्थिक असमानता, विनाशकारी पर्यावरणीय संकट, आणविक हथियारों का भय, तथा राष्ट्रीय, जातीय, धार्मिक और सांस्कृतिक संघर्ष जैसी गंभीर चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि नए मानव सभ्यता के विकास और प्रबंधन की जिम्मेदारी मानव जाति के कंधों पर आ गई है।
‘इसलिए, वर्तमान परिस्थितियाँ १८वीं-१९वीं सदी की पहली औद्योगिक क्रांति के समय के प्रमुख राजनीतिक विचारधाराओं (जैसे उदारवाद, समाजवाद, संवर्द्धनवाद, अराजकतावाद, अनुभववाद, प्रियतावाद आदि) और उन पर आधारित पार्टियों से ऊपर उठकर विचारधारा और राजनीति के नवसंश्लेषण और नवनिर्माण की आवश्यकता को उजागर करती हैं,’ भट्टराई ने कहा।






