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सऊदी अरब की चेतावनी: अवरोध जारी रहने पर तेल का भाव 180 डॉलर पार कर सकता है

समाचार सारांश

स्रोतों के आधार पर संपादकीय समीक्षा की गई।

  • सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार, यदि अप्रैल के अंत तक होर्मुज़ स्ट्रेट में अवरोध जारी रहा तो तेल का भाव प्रति बैरल 180 डॉलर तक जा सकता है।
  • ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा केंद्र प्रभावित हो रहे हैं, जिससे सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह को निशाना बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
  • कतर के रास लाफान एलएनजी निर्यात केंद्र पर ईरान के हमले के बाद यह संभावित है कि यह लंबे समय तक बंद रहे और 2026 तक फिर से चालू न हो पाए।

6 चैत्र, काठमांडू। सऊदी अरब के अधिकारियों ने आकलन किया है कि ‘होर्मुज स्ट्रेट’ में अप्रैल के अंत तक अवरोध जारी रहने पर तेल का मूल्य प्रति बैरल 180 डॉलर तक पहुंच सकता है।

अमेरिकी मीडिया द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने नाम न जाहिर किए गए स्रोतों के हवाले से यह जानकारी दी है।

28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में तीव्र उतार-चढ़ाव देखा गया है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड का भाव कुछ समय के लिए प्रति बैरल 119 डॉलर तक पहुंचा, फिर गिर गया।

रियाद स्थित किंग फैसल सेंटर फॉर रिसर्च एंड इस्लामिक स्टडीज के विदेश नीति विशेषज्ञ उमर करीम ने अलजज़ीरा को बताया कि युद्ध जारी रहने पर तेल का मूल्य कम से कम प्रति बैरल 150 डॉलर तक पहुंच सकता है।

‘‘अगर लाल सागर के टर्मिनलों पर हमला होता है और वहां कोई अवरोध आता है तो मुझे लगता है कि तेल का भाव 150 डॉलर से ऊपर जा सकता है,’’ करीम ने कहा।

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘यह फिलहाल यूरोप और एशिया के बीच एकमात्र संभावित मार्ग है।’

सऊदी अरब, खाड़ी क्षेत्र से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित लाल सागर के यानबू बंदरगाह से निरंतर तेल का निर्यात कर रहा है।

ईरान और इज़राइल के संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, जिससे इस बंदरगाह को भी निशाना बनाए जाने का अंदेशा है, सऊदी अधिकारियों का अनुमान है।

रास लाफान के नुकसान का क्या असर होगा?

पेरिस स्थित सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी की विशेषज्ञ एनी-सोफ़ी कोर्बो के अनुसार, कतर का रास लाफान, जो विश्व का सबसे बड़ा तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात केंद्र है, इस सप्ताह ईरान के हमले की चपेट में आया है और इसका मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसका अध्ययन चल रहा है।

‘‘नुकसान का वास्तविक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है,’’ कोर्बो ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘‘पहले के एलएनजी केंद्रों पर हुए हादलों पर नजर डालें तो मरम्मत में महीनों लग सकते हैं।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘पहले 2022 में टेक्सास के फ्रीपोर्ट एलएनजी सेंटर में एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसकी वजह से वह आठ महीने तक बंद रहा।’

उससे पहले, सितंबर 2020 में नॉर्वे के स्नोविट एलएनजी केंद्र में आग लगने के कारण डेढ़ साल तक बंद रहा था।

‘‘सबसे खराब स्थिति के अनुसार, रास लाफान 2026 तक फिर से शुरू नहीं हो सकता, जिसका मतलब है कि एलएनजी आपूर्ति 2021 के स्तर पर बनी रहेगी,’’ उन्होंने बताया।

यह पांच साल का बड़ा झटका होगा और इसका प्रभाव विश्व और गैस के दामों पर व्यापक होगा, उन्होंने कहा।

(अलजज़ीरा की सहायता से)