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विश्वभर लाखों महिलाएं जो नकली बाल (हेयर एक्सटेंशन) का उपयोग करती हैं, वे स्तन कैंसर, हार्मोन से जुड़ी समस्याएं या प्रजनन संबंधी परेशानियाँ जन्म दे सकती हैं, यह एक बड़े अध्ययन से पता चला है।
वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रकार के नकली बालों में लगभग 50 प्रकार के हानिकारक रसायन पाए हैं।
“The American Chemical Society Journal” में प्रकाशित इस अध्ययन ने विशाल नकली बाल उद्योग को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियमों की आवश्यकता जताई है और उपभोक्ताओं को जागरूक किए जाने की बात कही है।
अध्ययन की मुख्य लेखिका एलिसिआ फ्रैंकलिन का कहना है, “नकली बाल एक बार लगाकर कई सप्ताह या उससे भी ज्यादा समय तक पहनने होते हैं और चूंकि यह त्वचा के संपर्क में आता है, इसलिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।”
फ्रैंकलिन आगे कहती हैं, “बाल आपकी खोपड़ी की त्वचा पर रहते हैं और हफ्तों या महीनों तक लगाए जाते हैं। लंबे समय तक पहनने से ये दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।”
हानिकारक रसायन
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2028 तक विश्वव्यापी नकली बाल बाजार का मूल्य 14 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।
कई महिलाएं फैशन और सुंदर दिखने के लिए नकली बाल लगाती हैं, जिनमें बड़ी संख्या अश्वेत महिलाएं भी शामिल हैं जो बाल प्रबंधन को आसान बनाने के लिए यह करती हैं।
नकली बाल सस्ते से लेकर महंगे दामों में उपलब्ध होते हैं, कीमत लगभग 20 डॉलर से हजारों डॉलर तक हो सकती है।
वैज्ञानिकों द्वारा परीक्षण किए गए 43 नमूनों में 170 प्रकार के रसायन पाए गए।
उनमें से 48 रसायन अंतरराष्ट्रीय खतरा सूची में हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय केमिकल एजेंसी द्वारा खतरनाक बताया गया है।
फ्रैंकलिन कहती हैं, “उनमें आग बुझाने वाले, कीटनाशकों से लेकर प्रजनन शक्ति और अंतःस्रावी प्रणाली को प्रभावित करने वाले ‘थैलेट’ नामक यौगिक भी शामिल हैं।”
स्तन कैंसर से जुड़े 17 प्रकार के रसायन 36 नकली बाल नमूनों में मिले (कृत्रिम और प्राकृतिक दोनों)। कुछ नमूनों में 10 प्रतिशत तक आग न लगने वाले प्लास्टिक बनाने वाले हानिकारक तत्व भी थे।
दैनिक उपभोग के उत्पादों में न मिलने वाले ऑर्गेनोटिन यौगिक पाए गए, जिनके बारे में वैज्ञानिक आश्चर्यचकित हैं। ये यौगिक मनुष्यों में हार्मोन असंतुलन, प्रजनन और विकास में नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
कुछ प्लास्टिक बनाने वाले रासायनिक पदार्थ भी थे जो जैविक परिवर्तन के कारण स्तन कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व माने जाते हैं।
क्या मानव बाल सुरक्षित हैं?
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पहले नकली बालों पर किए गए अध्ययन में हानिकारक धातु पाए गए थे। इस अध्ययन में मानव बालों के 11 नमूने भी शामिल किए गए हैं।
मानव बाल महंगे होते हैं और प्रचार में दावा किया जाता था कि वे किसी रासायनिक प्रक्रिया से नहीं गुजरे हैं।
ये बाल एक ही दाता से लिए गए थे।
लेकिन कुछ मानव बालों के नमूनों में नकली बालों की तुलना में अधिक अंतःस्रावी प्रणाली को प्रभावित करने वाले रासायनिक पदार्थ पाए गए।
फ्रैंकलिन कहती हैं, “बल्कि मानव बाल होने का लेबल लगाने के बावजूद ये बाल फैक्ट्री में बनाए गए बालों से सुरक्षित नहीं पाए गए।”
फ्रैंकलिन अमेरिका के साइलेंट स्प्रिंग इंस्टिट्यूट से जुड़ी वैज्ञानिक हैं, जो स्तन कैंसर के पर्यावरणीय कारणों का अध्ययन करती हैं।
मानव बालों में भी विभिन्न खतरनाक रसायन पाए गए हैं। ये रसायन बाल उत्पादन या प्रबंधन के दौरान संकेंद्रित हो सकते हैं।
अध्ययन ने रसायनों की मात्राओं की जांच नहीं की, लेकिन फ्रैंकलिन कहती हैं कि भले ही कम मात्रा में हों, हार्मोन प्रभाव डालने वाले तत्व स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
नकली बाल लगाते समय बालों को गर्म किया जाता है या उबलते पानी में डुबोया जाता है, जिससे विषाक्त धुआं निकल सकता है। श्वास लेने से ये रसायन शरीर में पहुंच जाते हैं।
ये रसायन त्वचा के संपर्क से भी शरीर में प्रवेश करते हैं। इससे न केवल नए बाल लगाने वालों को, बल्कि लगाने वालों को भी समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों में इससे खरोंच, लाल चकत्ते और सिर, गर्दन तथा चेहरे पर झुनझुनी या सूजन हो सकती है। कुछ को सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।
नकली बालों को सुरक्षित रूप से कैसे लगाएं?
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रासायनिक प्रक्रियाओं से बने बालों को सुरक्षित रूप से लगाने के लिए ठोस कोई प्रमाणित उपाय उपलब्ध नहीं हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि सिरके से बाल धोने का खास प्रभाव नहीं दिखा।
उन्होंने परीक्षण में शामिल 43 नमूनों में से केवल दो में कोई हानिकारक रसायन नहीं पाया। लेकिन ये दावे कितने विश्वसनीय हैं, इस पर सवाल हैं, फ्रैंकलिन बताती हैं।
“ऐसे उत्पादों और उनके प्रयोग को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण दोषियों को सजा मिलना भी कठिन है।”
ब्रिटेन में इसी विषय पर अगस्त 2026 तक कानून बनाने की योजना है।
बाल रंगने या स्ट्रेट करने वाले रसायन भी स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। ये पदार्थ नकली बाल से अलग हैं और इन पर नियंत्रण है।
कुछ निर्माता गुणवत्ता सुनिश्चित करने का दावा करते हैं। “लेकिन जब बाजार में वे उपलब्ध नहीं होते, तो हमें विकल्प चुनने का मौका ही नहीं मिलता,” फ्रैंकलिन कहती हैं।
“इसलिए जिन्होंने नकली बाल लगाए हैं, उन्हें इस अध्ययन के नतीजों पर ध्यान देना जरूरी है।”
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