
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा सहित।
- जापान ने महिला एशियन कप फुटबॉल २०२६ के फाइनल में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को १–० से हराकर तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया।
- मायका हमानो ने पहले हाफ में लगभग १८ मीटर दूर से एक निर्णायक गोल किया।
- जापान ने नए कोच निल्सन के निर्देशन में पहली बार यह खिताब जीता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया तीसरी बार फाइनल में जापान से हार गया।
७ चैत, काठमांडू। जापान ने महिला एशियन कप फुटबॉल २०२६ का खिताब जीतने में सफलता हासिल की है। फाइनल में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को १–० से हराकर जापान ने यह खिताब तीसरी बार अपने नाम किया।
सिडनी में हुए इस मुकाबले में पहले हाफ में मायका हमानो ने बेहतरीन गोल करते हुए जापान को बढ़त दिलाई। उनका करीब १८ मीटर दूर से किया गया शॉट निर्णायक साबित हुआ।
जापान ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए २९ गोल किए और केवल २ गोल लुटे। इसके साथ ही जापान ने नए कोच निल्स निल्सन के नेतृत्व में पहली बार यह ट्रॉफी जीती है।
ऑस्ट्रेलिया तीसरी बार फाइनल में जापान से हार का सामना कर रहा है। इससे पहले भी साल २०१४ और २०१८ में ऑस्ट्रेलिया को जापान ने हराया था।
अपने घरेलू मैदान पर हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्तब्ध दिखे।
जापान के कोच निल्सन ने जीत के बाद बड़ी राहत महसूस होने की बात कही। उन्होंने बताया कि खेल लगभग ५०–५० था और परिणाम उनकी उम्मीद के अनुसार रहा।
उन्होंने कहा, ‘यहां ऑस्ट्रेलिया को हराना कठिन होता है, लेकिन हमारी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया और कई मौके पर हमें सौभाग्य मिला।’
दर्शकों के दबाव को चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा, ‘इतने उत्साही समर्थकों के बीच खेलना मुश्किल होता है। छोटी-छोटी गलतियों पर प्रतिक्रिया बहुत आती है। हमें मौके बनाने पर और मेहनत करनी है।’
फिर भी उन्होंने अपनी टीम पर गर्व जताया और अब जश्न मनाने का समय आने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘आज मैं अधिक विश्लेषण नहीं करना चाहता, अभी जश्न मनाने का समय है। यह जापान का तीसरा खिताब है और हमने ६ मैच जीते हैं, इसलिए यह जीत उपयुक्त है।’





