
प्रतीकात्मक तस्वीर
समाचार सारांश
सम्पादकीय रुपमा समीक्षा गरिएको।
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय देशभर के निजी स्वास्थ्य संस्थानों की आर्थिक स्थिति और रोजगार के विषय में सर्वेक्षण आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।
- यह सर्वेक्षण आगामी वैशाख से असार मास के अंत तक चलेगा और २५५१ अस्पतालों में आंकड़े जुटाए जाएंगे।
- सन् २०१३ में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार निजी स्वास्थ्य संस्थाओं का देश के कुल घरेलू उत्पादन में योगदान एक प्रतिशत से कम था, यह जानकारी कार्यालय के निदेशक तीर्थराज बराल ने दी।
८ चैत्र, काठमांडू। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने देशभर के निजी स्वास्थ्य संस्थाओं (अस्पतालों) का सर्वेक्षण करने की तैयारी शुरू कर दी है।
देश के निजी स्वास्थ्य संस्थाओं का कुल घरेलू उत्पादन में कितना योगदान है, इस अध्ययन के लिए यह सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है, यह जानकारी कार्यालय के निदेशक तीर्थराज बराल ने दी।
उनके अनुसार देशभर में निजी सामुदायिक अस्पतालों में गणक द्वारा सर्वेक्षण किया जाएगा। आगामी वैशाख से असार अंत तक आंकड़े एकत्रित किए जाने का कार्यक्रम है।
“इस समय कर्मचारियों को करार पर नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बाद अस्पतालों में डेटा संग्रह के लिए भेजा जाएगा,” उन्होंने बताया।
इस सर्वेक्षण के माध्यम से अस्पतालों की आर्थिक स्थिति और वहां दी जा रही रोजगार संबंधी जानकारी एकत्रित की जाएगी।
कार्यालय के अनुसार हर दस वर्षों में निजी स्वास्थ्य संस्थाओं का सर्वेक्षण करने की नीति होती है, लेकिन कुछ वर्षों की देरी हुई है।
सन् २०१३ में किए गए सर्वेक्षण में निजी स्वास्थ्य संस्थाओं का देश के कुल घरेलू उत्पाद में योगदान एक प्रतिशत से कम पाया गया था, यह जानकारी निदेशक बराल ने दी।
उस समय लगभग एक सौ अस्पतालों का ही सर्वेक्षण हुआ था, जबकि इस बार २५५१ अस्पतालों में सर्वेक्षण करने की तैयारी है।





