
समाचार सारांश
समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।
- बाँके जिले में दो दिनों तक चली बेमौसमी बरसात ने करीब आठ करोड़ ७५ लाख रुपये की कच्ची ईंटों को नुकसान पहुँचाया है।
- ईंट उद्योग व्यवसायी संघ लुम्बिनी प्रदेश के उपाध्यक्ष दीपक अधिकारी ने जिले के ७० ईंट उद्योगों में तीन करोड़ ५० लाख की कच्ची ईंट नष्ट होने की जानकारी दी।
- ईंट उद्योग व्यवसायी संघ बाँके के अध्यक्ष देवबहादुर केसी ने बताया कि सरकार कच्ची ईंटों का बीमा नहीं करती और नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं देती, जिससे व्यवसायियों को बड़ी समस्या हो रही है।
८ चैत, नेपालगंज। दो दिनों तक हुई बेमौसमी बारिश से करीब नौ करोड़ रुपये मूल्य की कच्ची ईंटों को भारी नुकसान हुआ है।
ईंट व्यवसायियों के अनुसार, पकने के लिए तैयार बड़ी मात्रा में कच्ची ईंटें बारिश में नष्ट हो गई हैं, जिससे उन्हें करीब ८ करोड़ ७५ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस बात की जानकारी ईंट उद्योग व्यवसायी संघ लुम्बिनी प्रदेश के उपाध्यक्ष और बाँके के पिबिसी ईंट उद्योग के संचालक दीपक अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि एक ही उद्योग में लगभग पाँच लाख रुपये की कच्ची ईंटें नष्ट हो चुकी हैं।
उनके अनुसार जिले के ७० ईंट उद्योगों में कुल तीन करोड़ ५० लाख रुपये मूल्य की कच्ची ईंटें बरसात से नष्ट हुई हैं, जिससे कुल मिलाकर ८ करोड़ ७५ लाख रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
एक कच्ची ईंट की कीमत लगभग २.५० रुपये है, अधिकारी ने बताया।
व्यापारियों के अनुसार, खुले स्थानों पर ताजा बनी और सुखाई जा रही कई ईंटें वर्षा के पानी से भीगीं और मिट्टी में परिवर्तित हो गई हैं। इसके साथ ही कर्णाली में हुई हिमपात के बाद बाँके में हुई बारिश ने यहाँ के व्यवसायियों को भारी आर्थिक क्षति पहुँचाई है।
ईंट उद्योग व्यवसायी संघ बाँके के अध्यक्ष देवबहादुर केसी ने बताया कि हर साल बेमौसमी वर्षा के कारण जिले के उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सरकार कच्ची ईंटों का बीमा नहीं करती और न ही नुकसान की भरपाई करती है, जिससे व्यवसायियों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रासस





