
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा सहित।
- सन्तोषकुमार वैध तामाङ की किताब ‘वंशावली’ में तामाङ ह्योञ्जन थर की वंशावली शामिल है।
- लेखक तामाङ का मानना है कि यह वंशावली आदिपूर्खा से वर्तमान पीढ़ी तक का सम्पूर्ण विवरण वंशवृक्ष के रूप में प्रस्तुत कर सीखने को सरल बनाएगी।
- पुस्तक विशेष रूप से भोजपुर के तामाङ जाति के ह्योञ्जन थर की वंशावली को उजागर करने का प्रयास करती है।
काठमाडौं । सन्तोषकुमार वैध तामाङ की पुस्तक ‘वंशावली’ का हाल ही में विमोचन हुआ है।
लेखक तामाङ ने अपनी पुस्तक में तामाङ ह्योञ्जन थर की वंशावली को शामिल किया है।
वंशावली में आदिपूर्खा या वंश मूल से लेकर वर्तमान पीढ़ी तक की पूरी जानकारी सहित वंश वृक्ष बनाकर पीढ़ीगत पहचान को सहज बनाने का लेखक का विश्वास है।
हालांकि, इस प्रकार एक पुस्तक में आदिपूर्खों से वर्तमान पीढ़ी तक के विवरण को संकलित करना और प्रकाशित करना आसान कार्य नहीं है, उन्होंने यह भी बताया।
उन्होंने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से विशेष रूप से भोजपुर जिले की तामाङ जाति के अंतर्गत आने वाले ह्योञ्जन थर की वंशावली को प्रकाश में लाने का प्रयास किया गया है।





