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भेरी का नीलापन, हरित जीवन (तस्वीरें)


१ चैत्र, सल्यान। पश्चिमी नेपाल के सुन्दर भू-दृश्य को चीरते हुए बहने वाली भेरी नदी प्रकृति का अनूठा उपहार है। नीले पानी की घुमावदार धारा, किनारे पर फैली रेत और चारों ओर हरियाली वाले खेत यहाँ के जीवन से गहराई से जुड़े हैं। यह ग्रामीण जीवन और प्राकृतिक सुंदरता की मनमोहक तस्वीर प्रस्तुत करता है।

नदी के किनारे बनी सड़क दुर्गम पहाड़ी बस्तियों को जोड़ते हुए विकास के संकेत देती है, जबकि उपजाऊ जमीन स्थानीय किसानों की दैनिक जीवनशैली का प्रतिबिंब है। भेरी की जल से सिंचित ये खेत मौसमी फसलों से हरे-भरे और फूले हुए हैं।

पहाड़ी, नदी और खेती योग्य जमीन का यह संगम भेरी घाटी को प्राकृतिक सुंदरता और जीविकोपार्जन दोनों का आधार बनाता है। समय के साथ बदलते ग्रामीण जीवन के बीच भेरी नदी अपनी लय में बहती रहती है।

कर्णाली प्रदेश के हिमाली क्षेत्र से शुरू होकर कई जिलों को पार करते हुए यह नदी अंततः कर्णाली नदी में मिल जाती है।

अपनी यात्रा में डोल्पा, जाजरकोट, रुकुम पश्चिम, सल्यान और सुर्खेत जिलों के विभिन्न भूभागों को स्पर्श करती है। इन क्षेत्रों की बस्तियों, खेती और प्राकृतिक परिवेश से भेरी नदी का गहरा संबंध है।

नदी का पानी हजारों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करता है और जलविद्युत उत्पादन के लिए भी इसकी विशाल संभावनाएं हैं। विशेष रूप से भेरी-बबई डायवर्सन परियोजना जैसी योजनाओं के माध्यम से नदी के पानी का कृषि और ऊर्जा उत्पादन में उपयोग करने के प्रयास जारी हैं।

प्राकृतिक दृष्टि से भी भेरी नदी अत्यंत आकर्षक मानी जाती है। पहाड़ी के हरे-भरे जंगल, नदी का प्रवाह और आसपास की बस्तियाँ एक सुंदर दृश्य निर्मित करती हैं। यह नदी जलयात्रा (राफ्टिंग) समेत साहसिक पर्यटन के लिए भी उत्कृष्ट संभावनाएं प्रदान करती है।

सल्यान के वनगाड़ कुपिण्डे नगरपालिका और सुर्खेत के गुर्भाकोट नगरपालिका की सीमा क्षेत्र में कैद की गई तस्वीरें :