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खेलकुदमा राजनीति नहीं, खेल क्षेत्र के विशेषज्ञ होना चाहिए : मंत्री पोखरेल

१३ चैत, काठमांडू ।

नवनियुक्त शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मंत्री तथा युवा एवं खेलकुद मंत्री सस्मित पोखरेल ने खेल क्षेत्र में राजनीतिकरण रोकने पर बल दिया है।

शुक्रवार सिंहदरबार में पदभार ग्रहण करने के बाद संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री पोखरेल ने कहा कि खेलकुद क्षेत्र में राजनीतिकरण समाप्त करना प्राथमिकता है।

‘खेलकुद में राजनीतिकरण को बंद करना सबसे पहला कदम होना चाहिए। केवल शिक्षा और खेलकुद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी सरकार आने के बाद पेशेवर क्षेत्रों में भी राजनीति हो रही है, इसे रोकना आवश्यक है। नेपाल के खेल क्षेत्र में भी अत्यधिक राजनीति के कारण स्थिति खराब हुई है,’ उन्होंने कहा, ‘नेपाल की समस्या यही है: जहाँ राजनीति करना चाहिए वहाँ राजनीति नहीं होती; जहाँ राजनीति नहीं करनी चाहिए वहाँ राजनीति हो रही है।’

उन्होंने जोर दिया कि अब खेलकुद में राजनीति करने वाले नहीं, बल्कि खेल क्षेत्र के विशेषज्ञ लोगों को आना चाहिए। ‘खेलकुद में अब राजनीति नहीं, बल्कि खेल क्षेत्र के विशेषज्ञों को आना चाहिए, राजनीति करने वाले नहीं।’

मंत्री पोखरेल ने कहा कि खेलकुद से जुड़े निकायों में अनुभवी लोगों को लाना चाहिए।

‘राखेप और अन्य खेलकुद निकायों में क्षेत्रीय विशेषज्ञ और अनुभवी व्यक्तियों को रखकर हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। हमारी महत्वपूर्ण योजना खेल क्षेत्र में राजनीतिकरण को रोकना है,’ उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे एन्फा विवाद भी राजनीति के कारण बिगड़ा है और इसे खेलकुद क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ मिलकर सुलझाना होगा।

‘एन्फा विवाद भी वर्तमान में राजनीति के कारण बिगड़ा है। पहले खेलकुद और राजनीति को अलग करना होगा और फिर क्षेत्रीय विशेषज्ञों के साथ सहयोग करना होगा,’ उनका यह बयान था।

मंत्री पोखरेल ने बताया कि नेपाल में कई खिलाड़ी तीन विभागों से आते हैं, इसलिए छोटी उम्र से ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और पोषण पर ध्यान देना आवश्यक है। ‘नेपाली कई खिलाड़ी तीन विभागों से आते हैं। निश्चित उम्र तक उनका प्रशिक्षण अच्छा है, लेकिन निश्चित उम्र के बाद भी अच्छा प्रशिक्षण आवश्यक होता है। इसी तरह का प्रशिक्षण और आहार छोटी उम्र से शुरू किया जाए तो बेहतर परिणाम मिलेगा।’

उन्होंने कहा कि जब वे काठमांडू महानगर प्रमुख थे तब शुरू किए गए कार्यक्रम को अब कानून और नीति में बदलकर और भी बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।