
भूमध्यसागरीय सागर में, इजरायल के डोर लगून में पुरातत्वविदों ने 2600 वर्ष पुराने प्राचीन जहाज के अवशेष खोजे हैं। हाइफा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, उस जहाज में ‘ब्लूम्स’ नामक अप्रक्रियागत नौ लौह टुकड़े पाए गए हैं, जो समुद्र के जरिए ले जाए जाने वाले दुनिया के सबसे पुराने कच्चे लोहे का कार्गो हैं।
इस खोज ने प्राचीन काल में लौह उत्पादन और व्यापार कैसे होते थे, इसके नए तथ्य उजागर किए हैं। मिले हुए लौह के टुकड़ों को भट्टी से निकालने के बाद कोई अन्य क्रिया या ढालने का कार्य किए बिना सीधे परिवहन किया गया प्रतीत होता है। वैज्ञानिकों ने इन लौह के टुकड़ों से जुड़े कोयले के अंशों का रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक से परीक्षण कर यह पुष्टि की है कि ये अवशेष 2600 वर्ष पुराने हैं।
“हेरिटेज साइंस” जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन ने यह सिद्ध किया है कि प्राचीन भूमध्यसागरीय क्षेत्र में लौह उत्पादन और उसे औजारों में बदलने के स्थल अलग-अलग होते थे।





