अमृत झा : इरान में गिरफ्तार नेपाली को वकील ने किया भेंट, नेपाल सरकार कर रही रिहाई के प्रयास

तस्बिर स्रोत, Supplied
काठमांडू स्थित परराष्ट्र मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इरान में नियंत्रण में रखे गए नेपाली नागरिक अमृत झा सकुशल हैं और वे वकील से मिले हैं।
मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच लगभग दो सप्ताह पहले परराष्ट्र मंत्रालय ने उदयपुर के 33 वर्षीय अमृत झा के इरान में गिरफ्तार होने की पुष्टि की थी।
हालांकि परराष्ट्र मंत्रालय ने बीबीसी न्यूज नेपाली को बताया कि उन्हें ईरानी सुरक्षा कर्मियों ने युद्ध शुरू होने से पहले ही नियंत्रण में लिया था।
झा संयुक्त अरब अमीरात स्थित ब्लैक सी मरीन एलएलसी नामक कंपनी में कार्यरत एक पानीजहाज चालक दल के सदस्य हैं।
उनके परिवार के अनुसार झा को ईरान की रिवोल्यूरनेरी गार्ड कोर ने ‘स्ट्रेट ऑफ हार्मुज’ के पास से गिरफ्तार किया था।
परिवार के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमले के पहले झा तेल लेने के लिए दुबई से ईरान गए थे। बीबीसी ने झा के संबंध में जानकारी के लिए उनकी नियोक्ता कंपनी को ईमेल किया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
त्रियुगा नगरपालिका के प्रमुख वसंतकुमार बस्नेत ने कहा, “मैंने कुछ दिन पहले परराष्ट्र मंत्रालय में फोन किया था जहाँ से मुझे पता चला कि मंत्रीस्तरीय पहल हो रही है। हम ठोस परिणाम के इंतजार में हैं।”
“वे दुबई से पानीजहाज के जरिए वहां पहुंचे थे। (अमृत के) परिवार के अनुसार वहां 6-7 लोग गिरफ्तार हुए हैं। गिरफ्तार लोगों में से एक ने परिवार को संदेश भेजा था, जिसे पता चलने के बाद हमने मंत्रालय को रिहाई के लिए तुरंत अनुरोध पत्र भेजा था।”
बस्नेत के अनुसार झा पिछले 12 सालों से पानीजहाज कंपनी में कार्यरत हैं और दो साल पहले कप्तान बने थे, जैसा परिवार ने बताया है।
‘मेरा बेटा अपराधी नहीं है’
अमृत के पिता गोविंद और माता प्रभावती झा उदयपुर के गाईघाट में किराना दुकान चलाते हैं।
मां प्रभावती के अनुसार अमृत ने उदयपुर में ही विद्यालय की पढ़ाई पूरी की और बाद में काठमांडू में 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद वह थाईलैंड गए और नेवी की पढ़ाई कर मालवाहक पानीजहाज में काम करने लगे थे।
गाईघाट से फोन पर बातचीत में प्रभावती ने कहा, “हमें उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमारा यही इकलौता आग्रह है कि मेरा बेटा जल्द लौट आए। हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक कुछ हासिल नहीं हुआ है।”
उन्होंने कहा, “मैं ईरानी सरकार से कहना चाहती हूं, मेरा बेटा अपराधी नहीं है। मुझे नहीं लगता कि उसने कोई अपराध किया है। वहां स्थिति सामान्य होते ही हमारा बेटा जल्द वापस आ जाए। यह हमारी विनती है।”
उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा दशकों से पानीजहाज कंपनी में नियमित काम करता आ रहा है और आमतौर पर 9 से 9 महीने की छुट्टियां लेता रहा है।
“काम ठीक चल रहा था, सब कुछ सामान्य था। इस बार भी सब ठीक था। लेकिन यह समस्या या युद्ध की वजह से है या कुछ और, हमें सही जानकारी नहीं है। बेटे से बातचीत होती थी, वह कहता था कि सब ठीक है।”
उन्होंने कहा, “पहले वह जल्दी आ जाया करता था, लेकिन इस बार करीब दो साल से आना था, लेकिन क्या हुआ हमें पता नहीं है।”
अमृत झा की गिरफ्तारी के विषय में हमारी जानकारी
परराष्ट्र मंत्रालय के प्रवक्ता लोकबहादुर क्षेत्री ने बीबीसी से कहा कि झा का मामला फिलहाल इरान की अदालत में विचाराधीन है और वे वकील से मिल चुके हैं।
“अमृत झा की गिरफ्तारी युद्ध से संबंधित नहीं है, यह घटना युद्ध शुरू होने से पहले हुई थी। हम कंसुलर सेवा प्रदान करने का प्रयास कर रहे थे, जो सफल रहा और पिछले सप्ताह एक वकील से मुलाकात हुई। मुलाकात में वे सकुशल दिखे।”
उनके साथ गिरफ्तार अन्य भारतीय नागरिक भी सकुशल हैं, अधिकारियों ने बताया है।
परराष्ट्र मंत्रालय के अनुसार, ईरान में नेपाली कंसुलर जनरल के समन्वय में एक कानूनी पेशेवर ने झा से हिरासत स्थल पर मुलाकात की थी।
इरान में युद्ध के कारण और अन्य कारणों से देरी हो रही है, जिससे झा से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग रहा है, अधिकारियों ने बताया। क्षेत्री ने कहा, “शायद युद्ध नहीं होता तो यह मामला जल्दी निपट जाता।”
उन्होंने कहा कि नववर्ष की छुट्टियों के कारण कर्मचारी और अदालत में भी सुनवाई में देरी हुई है।
युद्ध के चलते गैर-सेन्य और यातायात पूर्वाधार को हुए नुकसान के कारण भी सभी मामलों की सुनवाई में देरी हुई है।
नेपाल सरकार इस मामले को करीब से देख रही है और झा की रिहाई के लिए आवश्यक पहल लगातार जारी रखेगी।
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