
बच्चों का मुख्य कार्य क्या है? इस प्रश्न का सामान्य उत्तर होता है– विद्यालय जाना, पढ़ना, होमवर्क करना। इन सभी कार्यों के बाद बचा हुआ समय खेलने में बिताना। अधिकांश शहरी क्षेत्रों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों में भी बच्चों के लिए यही नियम लागू होता है। पढ़ाई के अलावा अन्य बातों पर बच्चों का ज्यादा ध्यान न देना आवश्यक समझने की सोच कई अभिभावकों में पाई जाती है। अन्य कामों पर ध्यान देने से पढ़ाई पर असर पड़ने की चिंता भी कई लोगों को होती है। लेकिन यह सोच और व्यवहार कई मामलों में उचित नहीं होता। पढ़ाई के अलावा बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार विभिन्न कौशल सीखाना आवश्यक है। छोटी उम्र से ही उन्हें वह काम सिखाना चाहिए जो वे स्वयं कर सकें। यदि बच्चों को उनकी उम्र समूह के अनुसार कौशल नहीं सिखाए गए, तो वे अपने समवयस्कों के मुकाबले पीछे रह जाते हैं, जिससे उनकी समुचित वृद्धि और विकास प्रभावित होता है।
१० वर्ष के बच्चों को क्या-क्या जानना चाहिए?
- सफाई करने का तरीका: बच्चों को अपने घर और कमरे को कैसे साफ-सुथरा रखना है, यह सिखाना जरूरी है। उन्हें आस-पास की गंदगी को डस्टबिन में डालने की आदत डालनी चाहिए।
- घर वापस कैसे पहुंचें: बच्चों को अपने घर का पता जानना चाहिए। खासकर अगर वे आसपास कहीं खो जाएं तो घर कैसे लौटना है, यह जानना आवश्यक है। विशेष रूप से स्कूल से घर लौटने का रास्ता परिचित होना चाहिए।
- खुद के लिए खाना बनाने का तरीका: बच्चों को सामान्य खाना पकाने की विधि आनी चाहिए। कभी-कभी परिस्थितियों के अनुसार कुछ घंटों के लिए घर पर अकेले रहना पड़ता है, और अगर अभिभावक तुरंत खाना नहीं दे पाते तो उन्हें खुद से खाना बनाए और खा सकें। खाना गर्म करने और तैयार करने की कला सीखनी चाहिए।
- पैसे का प्रबंधन: १० वर्ष के बच्चों को पैसे का आधारभूत प्रबंधन आना चाहिए। अपनी पॉकेट मनी को कैसे बचाएं और अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को समझते हुए खर्च करने की आदत डालनी चाहिए।
- अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता: १० वर्ष के बच्चे कुछ निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होने चाहिए। कब होमवर्क करना है, कब खेलना है या अन्य कार्य करना है, ये निर्णय वे खुद कर सकें। मौसम के अनुसार कपड़े पहनने तथा नाश्ता कहां से खरीदना है, इनमें भी वे सक्षम हों।
- समय प्रबंधन: बच्चों को अपना समय कैसे प्रबंधित करना है, यह सिखाना चाहिए। सुबह उठने से लेकर पढ़ाई और खेलकूद के लिए समय तालिका बनाना सीखनी चाहिए।
- सामाजिक कौशल: बच्चों को सामाजिक कौशल सिखाना जरूरी है ताकि वे नए स्थान पर अजनबियों से परिचय कर सकें और भीड़ में शर्म महसूस न करें। उनकी सामाजिक बातचीत के कौशल का विकास करना चाहिए।
- व्यक्तिगत साफ-सफाई का ज्ञान: बच्चों को अपनी व्यक्तिगत सफाई कैसे करें, यह जानना आवश्यक है। १० वर्ष के बच्चे नहाने, साफ-सुथरा खाने और खुद को साफ रखने के तरीके समझें। जूतों की फीता कसने और जूते साफ करने के तरीके भी जानें।
- सामान का सदुपयोग करना: बच्चों को पुनः उपयोग और रिसाइक्लिंग का महत्व समझाना चाहिए। पानी बचाने, नए सामान पर अत्यधिक निर्भर नहीं होने और पुराने वस्तुओं का पुनः उपयोग करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
- अभिभावकों की सहायता करना: जो महिलाएं/पुरुष जोखिमभरे कामों से बचें, बच्चे उन हल्के कार्यों में संलग्न हों। सफाई, सब्जी छीलना, रसोई के हल्के काम, रोटी बेलना, कपड़े धोना या खेत के काम सीखाकर बच्चों को काम में शामिल करना चाहिए।





