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शोधनान्तर स्थिति ६ खर्ब ५८ अर्ब रुपैयाँ की बचत पर पहुंची

समाचार संक्षेप सम्पादकीय समीक्षा के बाद तैयार। चालू वित्तीय वर्ष २०८२/८३ के साउन–फागुन अवधि में शोधनान्तर स्थिति ६ खर्ब ५८ अर्ब ३५ करोड़ रुपए की बचत पर है। पिछले वर्ष की समान अवधि में शोधनान्तर स्थिति केवल ३ खर्ब १० अरब ३७ करोड़ रुपए थी। इस अवधि में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश १० अरब ८४ करोड़ रुपए आया है। १९ चैत्र, काठमांडू।

चालू वित्तीय वर्ष २०८२/८३ के आठ महीनों (साउन–फागुन) में शोधनान्तर स्थिति ६ खर्ब ५८ अर्ब ३५ करोड़ रुपए बचत पर रही है। नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में शोधनान्तर स्थिति मात्र ३ खर्ब १० अरब ३७ करोड़ रुपए थी। देश से बाहर जाने वाली विदेशी मुद्रा की तुलना में आने वाली मुद्रा अधिक होने से शोधनान्तर स्थिति निरंतर बचत में बनी हुई है।

शोधनान्तर स्थिति उस निश्चित अवधि के भीतर आवासीय और गैरआवासीय व्यक्ति और संस्थाओं के बीच हुए आर्थिक व वित्तीय लेन-देन का सारांश होती है। शोधनान्तर जब बचत में होती है तो बाहरी क्षेत्र के लेन-देन से विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ता है, जबकि घाटा होने पर विदेशी मुद्रा का बहिर्वाह अधिक होता है। शोधनान्तर खाता चालू खाता और पूंजी एवं वित्तीय खाते में गैर-आवासीय व्यक्ति और संस्थाओं के लेन-देन को समेटे हुए होता है।

साथ ही, उच्च मात्रा में आने वाले रेमिटेंस का सकारात्मक प्रभाव भी शोधनान्तर स्थिति पर देखा जाता है। अमेरिकी डॉलर में देखें तो, पिछले वर्ष की समान अवधि में २ अरब २९ करोड़ रुपए की बचत पर रही शोधनान्तर स्थिति अब ४ अरब ६१ करोड़ रुपए की बचत पर पहुंच गई है। इस अवधि में चालू खाता ५ खर्ब ५२ अरब ८५ करोड़ रुपए की बचत पर है, जो पिछले वर्ष के १ खर्ब ९७ अरब ३ करोड़ रुपए से कहीं अधिक है।