
गैस की कीमत और मांग बढ़ने के साथ ही वैज्ञानिक तरीकों से गैस की बचत की जा सकती है, जिससे ईंधन की खपत लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। गैस के बढ़ते दाम और मांग ने सभी के लिए समस्या पैदा कर दी है। हालांकि, कुछ समझदारी भरे उपाय अपनाकर गैस को दोगुना समय तक चलाया जा सकता है। गैस बचाने के कुछ वैज्ञानिक और प्रभावी तरीके हैं, जो ईंधन की खपत लगभग 50 प्रतिशत तक घटा सकते हैं। अधिकतर लोग अनजाने में गलत बर्नर का उपयोग करते हैं या खुले बर्तन में खाना बनाकर ज्यादा गैस बरबाद करते हैं। प्रेशर कुकर का सही इस्तेमाल करना, दालों को भिगोना, बर्नर की नियमित सफाई जैसे छोटे बदलाव गैस बचाने के साथ-साथ खाना पकाने का समय भी कम करते हैं। ये 10 सुझाव रसोई को स्मार्ट और आर्थिक बनाने में मदद करते हैं।
1. प्रेशर कुकर का अधिक इस्तेमाल करें: खाना पकाने के लिए प्रेशर कुकर सबसे अच्छा विकल्प है। दाल और सख्त सब्जियों को खुले बर्तन में पकाने पर गैस अधिक खर्च होती है। कुकर में दबाव से खाना कम समय में पकता है। कुकर को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर खाना 40 से 70 प्रतिशत तक तेज पकता है। इससे गैस बचती है और रसोई में समय भी कम लगता है।
2. अनाज को पहले से भिगोएं: पकाने से पहले दाल, राजमा, चना और चावल को पानी में भिगोना गैस बचाने का सबसे आसान तरीका है। भिगोने से दाने नरम हो जाते हैं और गर्म होने पर जल्दी पकते हैं। उदाहरण के लिए, राजमा को रातभर भिगोने पर यह कम समय में पक जाता है। भिगोए गए अनाज पकाने पर 30 से 50 प्रतिशत तक ईंधन की बचत होती है। इससे गैस बचने के साथ अनाज के पोषक तत्व भी आसानी से ग्रहण होते हैं।
3. बर्नर और बर्तन की जोड़ी मिलाएं: छोटे बर्तन के लिए बड़ा बर्नर जलाना गलत होता है, क्योंकि आग बर्तन के किनारे से बाहर निकलकर गैस बर्बाद होती है। छोटे बर्तन के लिए छोटे बर्नर का इस्तेमाल करना चाहिए। गैस की आग हमेशा बर्तन के नीचे के हिस्से के अंदर रहनी चाहिए। बड़े बर्नर का उपयोग मोटे कुकर या बड़े बर्तन के लिए ही करें। सही संतुलन पर रखने से गैस बचती है।
4. ढककर पकाएं: खुले बर्तन में खाना पकाना सबसे ज्यादा गैस की बर्बादी है क्योंकि भाप के साथ ताप भी बाहर निकल जाता है। हमेशा कड़ाही या तवे में ढक्कन लगाकर खाना बनाएं। ढक्कन के कारण बर्तन के अंदर भाप दबाव बनती है और ताप अंदर रहता है, जिससे खाना जल्दी पकता है। इससे 20 से 30 प्रतिशत तक ईंधन बचता है और खाना नरम तथा स्वादिष्ट बनता है।
5. सब्जियों को छोटे टुकड़ों में काटें: सब्जियां काटने के तरीके से भी गैस बचत में फर्क पड़ता है। सब्जियों को जितना छोटा और समान आकार में काटेंगे, वे उतनी जल्दी पकेंगी। छोटे टुकड़ों का सतह क्षेत्र बढ़ जाता है, जिससे ताप जल्दी अंदर पहुंचता है।
6. मल्टीलेयर ‘‘तह वाला’’ कुकर में एक साथ कई चीजें पकाएं: यदि तह वाला प्रेशर कुकर हो तो एक साथ कई सामग्री पकाने की आदत डालें। नीचे दाल रखकर ऊपर के डिब्बों में चावल या उबली हुई सब्जियां रखी जा सकती हैं। एक बार गैस जलाने पर तीन तरह के व्यंजन तैयार हो जाते हैं, जिससे बहुत गैस बचती है और बर्तन धोने की झंझट भी कम होती है।
7. बर्नर की नियमित सफाई करें: गैस बर्नर के छिद्रों में गंदगी या तेल जमने पर आग सही से नहीं निकलती। गैस की आग पीली या नारंगी रंग की दिखे तो समझें कि गैस पूरी जल नहीं रही है। हमेशा नीली आग सबसे अच्छा ताप देती है। हर 15 दिन में बर्नर को ब्रश या सुई से साफ करें।
8. बचा हुआ ताप इस्तेमाल करें: खाना पूरी तरह पकाए बिना 5-10 मिनट पहले गैस बंद कर दें। मोटे तह वाले बर्तन में इतना ताप जमा रहता है कि गैस बंद करने के बाद भी खाना पकता रहता है। उदाहरण के लिए, चावल या पास्ता 80 प्रतिशत पक जाने पर गैस बंद कर ढक्कन लगाकर छोड़ दें। भाप और बर्तन की गर्मी बाकी काम पूरा करती है। इससे महीने में बहुत गैस बचती है।
9. मोटे और सपाट तह वाले बर्तन का इस्तेमाल करें: बर्तन के चयन से भी गैस की खपत प्रभावित होती है। हमेशा मोटे तह वाले बर्तन का उपयोग करें। इस तरह के बर्तन ताप को समान रूप से फैलाते हैं और लंबे समय तक गर्म रहते हैं। सपाट तह वाले बर्तन बर्नर की आग को अच्छी तरह सोखते हैं। स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन के बर्तन गैस बचत के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं।
10. इलेक्ट्रिक गैजेट और बैच कुकिंग अपनाएं: पानी उबालने के लिए गैस की जगह इलेक्ट्रिक केतली का उपयोग करना अच्छा रहता है, यह ज्यादा किफायती होता है। साथ ही बैच कुकिंग (एक साथ दो-तीन बार के लिए दाल, चावल या अन्य सामग्री पकाकर फ्रिज में रखना) करें। खाने के समय केवल गर्म करें। इससे बार-बार गैस जलाने से कई गुना ईंधन बचता है।





