
गुल्मी में 600 कुत्तों का बंध्याकरण किया गया और उन्हें रेबीज के खिलाफ टीका लगाया गया है। इस अभियान से रेबीज रोग के नियंत्रण में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गुल्मी में लगभग 8 हजार कुत्ते हैं, जिनमें आधे छाटन और आधे पालतू कुत्ते शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर रेबीज नियंत्रण के लिए सक्रिय अभियान चलाए जा रहे हैं। २२ चैत्र, गुल्मी।
छाटन और पालतू कुत्तों के काटने से होने वाले जोखिम को कम करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य सार्वजनिक क्षेत्रों में घूमते छाटन कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना और रेबीज संक्रमण से लोगों और पशुओं दोनों को सुरक्षित रखना है। हाल ही में बाजार और बस्तियों में छाटन कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि होने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित पक्षों ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है।
गुल्मी के वेतेरिनरी अस्पताल और पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र की पहल से चल रहे इस कार्यक्रम के तहत रेसुङ्गा और मुसिकोट नगरपालिका के साथ-साथ गुल्मीदरबार, छत्रकोट, कालिगण्डकी और सत्यवती गाउँपालिका में चरणबद्ध तरीके से शिविर आयोजित किए गए हैं। हिमालयन एनिमल रेस्क्यू ट्रस्ट (हार्ट) नेपाल तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है। अब तक कालिगण्डकी गाउँपालिका में 100, सत्यवती में 65, छत्रकोट में 75 और गुल्मीदरबार में 100 कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा चुका है।
गुल्मीदरबार में कुत्तों की संख्या अधिक होने के कारण अतिरिक्त 110 कुत्तों को भी शामिल करने की तैयारी चल रही है। कार्यालय ने वार्षिक नीति के अनुसार प्रत्येक स्थानीय तह में कम से कम दो दिनों तक शिविर आयोजित करना जारी रखा है। पिछले तीन वर्षों से लगातार इस प्रकार के अभियान चल रहे हैं, जो दीर्घकालिक रूप से कुत्तों की अनियंत्रित वृद्धि रोकने में मदद कर रहे हैं। नेपाल सरकार ने वर्ष 2030 तक कुत्तों से फैलने वाले रेबीज रोग को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।





