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पोखराका मेयर धनराज आचार्य: गृहमन्त्री सुदन गुरुङ की जमीन फेवाताल के मानदंड के अंतर्गत आती है, हटाना जरूरी

पोखराका मेयर धनराज आचार्य ने बताया है कि फेवाताल के 65 मीटर मानदंड के अंदर गृहमन्त्री सुदन गुरुङ की जमीन स्थित है। सर्वोच्च अदालत ने 2080 असार 4 को फेवाताल के लिए 65 मीटर मानदंड कायम करने का आदेश दिया था। फेवाताल के मानदंड के अंदर स्थित दूषित जमीनों की पहचान कर मुआवजा देने की व्यवस्था बनाने का काम जारी है, इसलिए इसे प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

शनिवार सुबह खपौंदी क्षेत्र में मानदंड के भीतर स्थित संरचनाओं को हटाने के लिए डोजर चलाने से पहले गृहमन्त्री गुरुङ और मेयर आचार्य के बीच चर्चा हुई। मेयर आचार्य ने इस संवाद में कहा, ‘उन्होंने नक्शा दिखाते हुए कहा, मेरी जमीन भी वहीं है, देखिए कहां पड़ती है। मैंने कहा कि वह फेवाताल के तालघर के अंदर आती है। यदि मानदंड के अंदर है तो सभी संरचनाएं हटानी होंगी।’

गृहमन्त्री गुरुङ ने फेवाताल के शीर अनदु क्षेत्र में जमीन खरीदकर झोपड़ियां बनाकर छोटे वाटर स्पोर्ट्स संचालित किए हैं। हालांकि, मानदंड के अंदर दूषित जमीनों की पहचान चल रही है, फिर भी सुदन गुरुङ का नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं हुआ है। फेवाताल मानदंड लागू करने में सरकार को खास सफलता नहीं मिली है, लेकिन अब एक मजबूत सरकार बनने के बाद इस मुद्दे को कड़ाई से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

शनिवार सुबह पर्यटन व्यवसायी कर्ण शाक्य के पार्क विलेज वॉटरफ्रंट रिसोर्ट के परिसर में भी डोजर चलाया गया। पोखरा महानगर ने 15 दिनों के भीतर सभी संरचनाएं हटाने का नोटिस जारी किया है। स्थानीय लोग स्पष्ट गुरुयोजना और विकल्प प्रस्तुत करने के बाद ही संरचनाएं हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। फेवाताल में नए संरचना निर्माण को रोकने और मौजूद संरचनाओं को हटाने के लिए पोखरा महानगर द्वारा बार-बार अनुरोध किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य पूरी तरह से नहीं रुका है।