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सबाना फिटनेस के पाँचवे वार्षिकोत्सव पर २० महिलाओं को निशुल्क व्यायाम योजना प्रदान

महिलाओं के स्वास्थ्य, फिटनेस और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर संचालित सबाना फिटनेस ने अपने पाँचवें वार्षिकोत्सव का विशेष कार्यक्रम के साथ जश्न मनाया। इस अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर और जिम तथा डाइट प्लान वहन करने में असमर्थ २० महिलाओं को निशुल्क व्यायाम योजना उपलब्ध कराई गई है। सबाना फिटनेस की संचालिका सबाना खातून के अनुसार, उन्होंने जो फिटनेस योजनाएँ प्रदान की हैं, उनका उद्देश्य महिलाओं को महंगे खर्चों के बिना अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए प्रेरित करना है।

‘घर पर किए जाने वाले कुछ सरल व्यायाम और रोजाना खानपान को सही ढंग से अपनाने से भी वजन कम किया जा सकता है, यह दिखाना चाहती हूँ,’ उन्होंने बताया। उनकी मानें तो, कई महिलाएं ‘डाइट करने के बाद भी वजन नहीं घटता’ की शिकायत करती हैं। ऐसे मामलों में उन्हें सही तरीका दिखाना ही उनका मूल उद्देश्य है। अब तक देश के विभिन्न स्थानों—बुटवल, भैरहवा, पोखरा आदि से ४०-५० महिलाओं ने इस निशुल्क कार्यक्रम के लिए पंजीयन कराया है, जिनमें से लगभग २० महिलाएं सक्रिय तौर पर अभ्यास कर रही हैं।

कुछ महिलाओं ने ७ किलोग्राम तक वजन कम करने में सफलता भी पाई है, उन्होंने जानकारी दी। सबाना कहती हैं, ‘कई महिलाओं को लगता है कि वजन कम करना महंगा होता है, लेकिन यह गलत धारणा है। सामान्य खानपान को व्यवस्थित करने और कुछ सरल व्यायाम करके भी अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।’ इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य भी साझा किया कि सबाना फिटनेस की कुल सदस्यता शुल्क का ५ प्रतिशत हिस्सा गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा और पोषण सहायता के लिए खर्च किया जाता है।

‘मैंने यह बात अब तक सार्वजनिक नहीं की थी, लेकिन पाँच साल पूरे होने के अवसर पर साझा कर रही हूँ,’ उन्होंने कहा। सबाना ने मातृत्व के बाद अपनी प्रेरणादायक फिटनेस यात्रा को भी अपने व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर बताया। गर्भावस्था के दौरान करीब ४० किलोग्राम वजन बढ़ने के बावजूद उन्होंने इसे स्वाभाविक रूप से स्वीकार किया। अब १६ महीने की बच्ची की माँ होने के नाते, वह १०६ किलोग्राम से ८१ किलोग्राम तक वजन कम कर चुकी हैं। उनके अनुसार, स्तनपान के दौरान पोषक तत्वों युक्त आहार पर ध्यान देकर और शरीर को प्यार देकर धीरे-धीरे फिटनेस की ओर लौटना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पोस्ट-डिलीवरी अवस्था में कई महिलाओं को शारीरिक बदलाव के कारण मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है, इसलिए परिवार खासकर पति का साथ अत्यंत आवश्यक होता है। उन्होंने कहा, ‘एक मां को उसके शरीर के कारण आलोचना नहीं, बल्कि प्यार और समर्थन चाहिए। इससे बच्चे के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।’