
लुम्बिनी प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने रुकुम पूर्व के सिस्ने गाउँपालिका–५ में नए अस्पताल भवन का उद्घाटन किया है। यह नया अस्पताल ५० शैय्याओं से मरीजों को सेवा प्रदान कर रहा है तथा इसमें अंतरंग सेवा, प्रयोगशाला, एक्स-रे, दन्त उपचार, फिजियोथेरापी, प्रसूति और नवजात शिशु सेवाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य मंत्री खेमबहादुर सारुले ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को धीरे-धीरे दूर किया जाएगा। तारीख २९ चैत, रुकुम पूर्व।
हिमाली जिला रुकुम पूर्व के निवासियों को अब इलाज के लिए दूर तक जाने की आवश्यकता कम होगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। सिस्ने गाउँपालिका–५, रुकुमकोट में निर्माण पूरा हुए नए अस्पताल भवन के संचालन में आने से सेवाओं का विस्तार होगा। रविवार को लुम्बिनी प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने इस भवन का उद्घाटन किया। अस्पताल अब ५० शैय्याओं पर उपचार सेवा प्रदान कर रहा है। इससे पहले अस्पताल सीमित संरचना में सामान्य सेवाएं देता था, लेकिन अब इसने भौतिक और सेवा दोनों क्षेत्रों में विस्तार किया है।
मुख्यमंत्री आचार्य ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा का विस्तार प्रदेश सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनशक्ति प्रबंधन में सुधार लाने के प्रयास जारी हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को कदम दर कदम पूरा करने का संकल्प भी व्यक्त किया। स्वास्थ्य मंत्री खेमबहादुर सारुले ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में सेवा प्रवाह को मजबूत करने की नीति लागू की जा चुकी है। उन्होंने कहा पहले ऐसे क्षेत्र में जाने के लिए चिकित्सकों में हिचकिचाहट होती थी, लेकिन अब धीरे-धीरे इसमें बदलाव आ रहा है।
लगभग १६ करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल में अब अंतरंग सेवा, प्रयोगशाला, एक्स-रे, दन्त उपचार, फिजियोथेरापी, प्रसूति और नवजात शिशु सेवाएं समेत कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतिदिन लगभग १०० मरीजों को सेवा मिल रही है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. कृष्ण खराल ने बताया कि सेवा विस्तार के साथ मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘पहले की तुलना में सेवा अब सरल और बेहतर हो गई है, साथ ही मरीजों का विश्वास भी बढ़ा है।’ संघीय संरचना के बाद रुकुम पूर्व एक अलग जिला बना है, जहाँ लंबे समय तक स्वास्थ्य सेवा सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रही थी। २०७८ में शुरू हुए भवन निर्माण के पूरा होने के साथ अब जिले में बुनियादी से लेकर कुछ विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।





