
३० चैत, काठमांडू। आज २०८२ साल का आखिरी दिन है। इस वर्ष नेपाली जनता ने कई उतार-चढ़ाव का सामना किया। बाढ़ और भूस्खलन से लेकर वर्षों से जमे पुराने राजनीतिक दलों के बहिर्गमन तक, २०८२ साल ने कई घटनाओं को देखा है।
विशेष रूप से भाद्र के तीसरे सप्ताह में हुए जेनजेड आंदोलन और उसके बाद की घटनाएँ इस वर्ष के केंद्र में रहीं। तत्कालीन केपी शर्मा ओली नेतृत्व वाली सरकार द्वारा सामाजिक मीडिया को बंद करने के फैसले के खिलाफ युवाओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया।
इन्हीं प्रदर्शनों के कारण ओली नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा। इसी क्रम में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ जिसने चुनाव कराए।
२०८२ के अंत में, पुराने राजनीतिक दलों के लिए इसे भूलने वाला वर्ष और नए दलों के लिए यादगार वर्ष माना गया।
पश्चिम एशिया में दिखे संघर्ष के प्रभाव ने नेपाली बाजार में महंगाई को इस वर्ष झेलने के लिए मजबूर किया।
राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेलकूद सहित विभिन्न क्षेत्रों में इस वर्ष को यादगार बनाने वाली ५० तस्वीरें प्रस्तुत हैं—













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