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नए वर्ष में चोलुङ पार्क से तीनजुरे होते हुए गुफापोखरी तक पर्यटकों का मुख्य आकर्षण

१ वैशाख, तेह्रथुम। पूर्वी नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल चोलुङ पार्क से तीनजुरे होते हुए गुफापोखरी तक का क्षेत्र नए वर्ष के अवसर पर पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बन गया है। तेह्रथुम, संखुवासभा और ताप्लेजुंग के संगम क्षेत्र में विस्तारित तीनजुरे- मिल्के- जलजले (त्:व्) पदमार्ग वर्तमान में प्रकृति प्रेमी, ट्रेकिंग करने वाले और फोटोग्राफरों का केंद्र बन चुका है। वसंत ऋतु में यह क्षेत्र गुराँस के बहुरंगी संसार में परिवर्तित हो जाता है। ‘गुराँस की राजधानी’ के नाम से विख्यात इस क्षेत्र में नए वर्ष के दिन हजारों पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। विभिन्न प्रजातियों के गुराँस से पहाड़ लालिमा लिए होते हैं, जिसकी वजह से यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी मनमोहक हो जाता है। तीनजुरे की ढलान से लेकर मिल्के और जलजले क्षेत्र तक फैला गुराँस का वन पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है।

चोलुङ पार्क इस क्षेत्र का प्रवेश द्वार का कार्य करता है। यहां से यात्रा आरआर गार्डेन, घुर्पिसे, पाथीभरा होते हुए ऊंचे चढ़ाव के बाद तीनजुरे के पास पहुंचती है। तीनजुरे से दिखने वाले कंचनजंघा, मकालू और कुम्भकर्ण हिमालय की मनमोहक छवियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। तीनजुरे से आगे बढ़ने पर पर्यटक चौकीबजार और मंगलबारे होते हुए मिल्के-जलजले इलाके में स्थित गुफापोखरी पहुंचते हैं। धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गुफापोखरी का शांत माहौल, आसपास का गुराँस का वन और ठंडी हवा पर्यटकों को आध्यात्मिक और मानसिक शांति प्रदान करती है। नए वर्ष पर यहां की चहल-पहल और भी बढ़ जाती है। नेपाल के पूर्वी तराई के जिलों के साथ-साथ पड़ोसी भारत के सिक्किम, दार्जिलिंग और पश्चिम बंगाल से भी हजारों पर्यटक यहां आते हैं।

गुराँस फूलने के मौसम, हिमालय के सुन्दर दृश्य और ठंडे मौसम में नए वर्ष मनाने के उद्देश्य से यहां पर्यटकों की अच्छी भीड़ देखने को मिलती है, जिसे स्थानीय निवासी भी मानते हैं। बढ़ते पर्यटकों की संख्या के कारण यहां के होटल और होमस्टे पूरी तरह से भर जाते हैं। गुफा बाजार के होटल व्यवसायी हिमा खनाल के अनुसार नए वर्ष और गुराँस फूलने के सीजन में न केवल दो-चार दिन, बल्कि उससे अधिक पहले ही कमरे बुक कराना पड़ता है। स्थानीय श्रीप्रसाद कार्की का कहना है कि इस मौसम में होटल तथा होमस्टे दोनों को पर्यटकों के दबाव को संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। यहां बड़ी और छोटी दोनों प्रकार की साधनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे पर्यटक आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।

सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ मोटरसाइकिल, जीप और बस के माध्यम से पर्यटक आसानी से नजदीक तक पहुंच पा रहे हैं। इस सहज पहुंच ने त्:व क्षेत्र को अन्य दुर्गम पर्यटन स्थलों से अलग स्थान दिलाया है। बढ़ते यातायात को नियंत्रित करने के लिए घुर्पिसे क्षेत्र में बस पार्क भी बनाया गया है। यह यातायात प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और पर्यटक आवागमन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के सहयोग से किए गए प्रयासों ने पर्यटन को बढ़ावा देने में सकारात्मक प्रभाव डाला है। त्:व क्षेत्र जैव विविधता के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है। यहां सैकड़ों प्रजाति की वनस्पति, दुर्लभ जड़ी-बूटियां, पक्षी और वन्य जीव पाए जाते हैं। ट्रेकिंग के लिहाज़ से भी चोलुङ पार्क से गुफापोखरी तक की यात्रा शांति, सुरक्षा और मनोरम अनुभव मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले पदमार्ग, स्थानीय सांस्कृतिक जीवन, होमस्टे व्यवस्था और जैविक खाना पर्यटकों को ग्रामीण जीवनशैली के करीब लाते हैं। हालांकि इतनी बड़ी संभावनाओं के बावजूद भी पूर्वाधार विकास, प्रचार-प्रसार और दीर्घकालिक पर्यटन प्रबंधन में और सुधार आवश्यक है। संबंधित संस्थाओं के योजनाबद्ध तथा प्रभावी कार्यान्वयन से यह क्षेत्र नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। नए वर्ष में चोलुङ पार्क से तीनजुरे होते हुए गुफापोखरी तक की यात्रा प्रकृति, संस्कृति और शांति की खोज करने वालों तथा साहसी पदयात्रा प्रेमियों के लिए एक उत्तम विकल्प बन गई है। गुलाबी रंग से सजी पहाड़ियाँ, हिमालय के मनमोहक दृश्य, आसान पहुंच और सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन ने इस क्षेत्र को वास्तव में ‘नए वर्ष में घूमने योग्य स्थल’ के रूप में स्थापित किया है।