
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपने आप को ‘जिसस’ के रूप में दर्शाती विवादास्पद तस्वीर को सोशल मीडिया से हटा दिया है। धार्मिक नेताओं के इस तस्वीर को ‘ईश्वर की बेअदबी’ बताते हुए कड़े विरोध के बाद ट्रम्प ने सोमवार को इस तस्वीर को हटाने की घोषणा की। इस घटना ने ट्रम्प और पहले अमेरिकी मूल के पोप लियो 14वें के बीच बढ़ रहे मतभेदों को और तीव्र कर दिया है।
रविवार को ट्रम्प ने अपनी ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर एआई द्वारा तैयार की गई यह तस्वीर साझा की थी। इसमें उन्हें सफेद वेशभूषा में एक दैवीय शक्ति के रूप में दिखाया गया था। एक हाथ में चमकदार गोला था और दूसरे हाथ से वे एक बीमार व्यक्ति को ठीक करते हुए दर्शाए गए थे। तस्वीर की पृष्ठभूमि में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, लड़ाकू विमान और अमेरिकी झंडे के प्रतीक नजर आ रहे थे।
सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद को जिसस के रूप में नहीं बल्कि ‘डॉक्टर’ के रूप में दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, ‘यह तस्वीर मुझे लोगों को ठीक करने वाले डॉक्टर के रूप में दिखाने के लिए बनाई गई है, और मैं सच में लोगों को बेहतर बनाता हूँ।’
कला इतिहासकारों के अनुसार यह तस्वीर ईसाई धर्म की कलाकृतियों से मिलती-जुलती थी। रिपब्लिकन पार्टी के कुछ समर्थकों ने भी इसकी आलोचना की है। रिपब्लिकन नेशनल कमिटी के युवा सलाहकार ब्रिलिन होलिहैंड ने इसे कड़ी ईश्वर की निंदा बताया है। ट्रम्प समर्थक राइली गेन्स ने कहा कि परमेश्वर का मजाक बनाना गलत है और ट्रम्प को थोड़ी नम्रता अपनानी चाहिए।





