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सरकार ने अवैध मछली आयात पर कड़ी कार्रवाई, ३ दिन में स्थलगत रिपोर्ट देने का निर्देश

सरकार ने भारत से अवैध रूप से आने वाली पंगास मछली के आयात और बिक्री वितरण पर संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। पशु सेवा विभाग ने मोरङ, सुनसरी और झापा में अवैध मछली आने वाले स्थानों की पहचान कर रोकथाम के लिए सक्रियता दिखाई है। विभाग ने सीमा क्षेत्र में निरीक्षण करते हुए तीन दिन के अंदर यथार्थ स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सशस्त्र प्रहरी को निर्देश दिया है।

३ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने भारत से बिना अनुमति के पंगास (पंगासियस) सहित अन्य मछलियों के अवैध आयात और बिक्री वितरण पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। कृषि तथा पशुपालन विकास मंत्रालय के अधीन पशु सेवा विभाग ने सीमा क्षेत्र से होने वाले ऐसे अवैध कारोबार को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी किया है।

कृषि, वन एवं वातावरण मंत्री गीता चौधरी ने पहले ही सातों प्रदेशों और उनके अधीन निकायों को नेपाली कृषि उत्पादों की सुरक्षा और खाद्य स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया था। उसी निर्देश के तहत विभाग ने भारत से बिना अनुमति तथा मानकों के विपरीत मछली आने से रोकने में सक्रियता दिखाई है। विशेष रूप से मोरङ, सुनसरी और झापा के स्थानीय मछुआरा किसान और व्यापारियों ने भारतीय मछलियों के कारण नेपाली उत्पादों को बाजार में जगह नहीं मिलने और अवैध आयात बढ़ने की शिकायत की जिसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।

विभाग के अनुसार सुनसरी के अमडुवा फार्म एवं सिक्ती बॉर्डर, मोरङ के दुमरिया, धनपालथान, मिल्स क्षेत्र और हुलास मेटल क्षेत्र तथा झापा के बलुवागढ़ी और कांकड़भिट्टा नाकों से बड़ी मात्रा में मछली अवैध रूप से लाई जा रही है। इस प्रकार अवैध मछली विराटनगर, इटहरी, इनरुवा और धरान जैसे प्रमुख शहरों के बाजारों में खुलेआम बिक्री होती मिली है, ऐसी सूचना विभाग को प्राप्त हुई है। अवैध आयात रोकने के लिए विभाग ने पशु क्वारंटीन कार्यालय कांकड़भिट्टा और विराटनगर को विशेष निर्देश भी दिए हैं। स्थानीय प्रशासन, नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी के साथ समन्वय कर सीमा पर स्थलगत निरीक्षण कर तीन दिन के अंदर यथार्थ स्थिति की रिपोर्ट विभाग को सौंपने को कहा गया है।