
अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के बीच पर्शियन खाड़ी में चल रहे तनाव के बीच कच्चा तेल लेकर पहला पाकिस्तानी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है। ‘शालमार’ नामक अफ्रामैक्स टैंकर ने अमेरिकी नाकाबंदी शुरू हुए कुछ ही दिनों बाद इरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होते हुए ओमान की खाड़ी में प्रवेश किया है। यह जहाज लगभग ४ लाख ५० हजार बैरल तेल लेकर रविवार को कराची बंदरगाह पर पहुंचने का योजना बना रहा है।
गत सोमवार से शुरू हुई पूर्ण अमेरिकी नाकाबंदी के बाद यह रणनीतिक जलमार्ग पार करने वाला ‘शालमार’ पहला वाहक बना है। जहाज ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तानी झंडाधारी यह अफ्रामैक्स टैंकर गुरुवार देर शाम इरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होते हुए ओमान की खाड़ी की ओर निकला था। संयुक्त अरब अमीरात के जस्माना द्वीप से लगभग ४ लाख ५० हजार बैरल कच्चा तेल लेकर यह जहाज आगामी रविवार को कराची बंदरगाह पहुंचने की योजना बना रहा है।
अपनी क्षमता के आधे से भी कम तेल लेकर निकला यह जहाज अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ध्यान से देखा जा रहा है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान पर हवाई हमले शुरू होने के बाद से इस संकीर्ण जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी। वर्तमान में लागू अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी ने पर्शियन खाड़ी से तेल या अन्य सामग्री बाहर ले जाने के लिए इरानी और अमेरिकी दोनों अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य कर दी है।
पिछले सप्ताह कुछ सुपरटैंकर बाहर निकले थे, लेकिन हाल के सात हफ्तों में कच्चा तेल लेकर होर्मुज पार करने वाला यह पहला जहाज है और यह घटना दुर्लभ कही जा रही है। हालांकि इरान ने कुछ पाकिस्तानी जहाजों को विशेष अनुमति दी है, फिर भी अमेरिकी नाकाबंदी के कुछ ही दिनों बाद ‘शालमार’ का स्ट्रेट पार करना कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से असाधारण माना जा रहा है। इस घटना ने विश्व के महत्वपूर्ण जलमार्ग में सीमित मात्रा में तेल की आपूर्ति पुनः शुरू होने का संकेत दिया है। बावजूद इसके तनावपूर्ण माहौल के कारण जहाजों की संख्या अभी भी एकल अंकों में ही सीमित है।





