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इरान ने अमेरिका पर पूर्ण अविश्वास व्यक्त करते हुए होर्मुज स्ट्रेट की पुनः बंदी की घोषणा की

समाचार संक्षेप

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पुनः बंद करने का निर्णय लिया है और अमेरिका के प्रति पूर्ण अविश्वास व्यक्त करते हुए अन्य देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने से रोकने की चेतावनी दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबाफ ने बारूदी सुरंग हटाने की कार्रवाई को युद्धविराम उल्लंघन बताते हुए कड़े प्रतिकार की चेतावनी दी है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से बांग्लादेश में गहरा ईंधन संकट उत्पन्न हो गया है, और अमेरिका ने आपातकालीन भंडार से 2 करोड़ 60 लाख बैरल तेल उपलब्ध कराया है। 6 वैशाख, काठमाडौं।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तीव्र होता जा रहा है। ईरान ने अमेरिका के प्रति पूर्ण अविश्वास प्रकट करते हुए कहा है कि यदि ईरानी जहाज होर्मुज स्ट्रेट के जरिए नहीं निकल पाते हैं तो किसी भी देश के जहाज को इस मार्ग का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शनिवार को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पुनः बंद करते हुए भारतीय जहाज पर भी गोलीबारी की, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और जटिलताएं पैदा करने का संकेत है।

बारूदी सुरंग हटाने पर ईरानी चेतावनी: ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबाफ ने अमेरिका की नाकाबंदी को ‘गलत’ ठहराते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कुछ भी हो सकता है और ईरानी सेना पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि होर्मुज में बारूदी सुरंग हटाई गई तो उसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा और कड़ा जवाब दिया जाएगा।

ग़ालिबाफ ने कहा कि अमेरिका हथियारों में तो मजबूत है लेकिन रणनीतिक रूप से ईरान के सामने कमजोर है और उसके निर्णय केवल इज़राइल के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। अमेरिका की गुप्तचर एजेंसियों और न्‍यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े युद्धों के बाद भी ईरान की सैन्य भंडार सुरक्षित है। ईरान के पास युद्ध से पहले के लगभग 70 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइलें, 60 प्रतिशत मिसाइल लांचर और 40 प्रतिशत ड्रोन अभी भी सुरक्षित हैं।

ईरान ने अस्पतालों पर अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुए नुकसानों के नए वीडियो जारी कर विरोध जाहिर किया है और अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। होर्मुज स्ट्रेट के पुनः बंद होने का वैश्विक प्रभाव भी सामने आ रहा है। बांग्लादेश जैसे देश जो लगभग 95 प्रतिशत ईंधन आयात पर निर्भर हैं, वहां गंभीर ईंधन संकट उत्पन्न हो गया है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं और सरकार ने ऊर्जा बचत के लिए विश्वविद्यालय बंद कर दिए हैं तथा कार्यालयों के समय कम कर दिए हैं।

वैश्विक आपूर्ति संकट टालने के लिए अमेरिका ने अपने आपातकालीन भंडार से 2 करोड़ 60 लाख बैरल तेल निकाला और कंपनियों को उपलब्ध कराया है। वार्ताएँ और अनिश्चितता के बीच हैं। पाकिस्तान में सोमवार को वार्ता के अगले चरण होने की चर्चा है, लेकिन ईरान ने तुरंत सीधी बातचीत की संभावना खारिज कर दी है। ईरान के उप-विधि मंत्री सईद खतिबजादेह ने स्पष्ट किया कि नियम और ‘फ्रेमवर्क’ तय नहीं होने तथा अमेरिका के शर्तें वापस न लेने तक वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।

ईरान ने ट्रंप के दावे के विपरीत संशोधित यूरेनियम अमेरिकी पक्ष को सौंपने से इनकार किया है। संभावित समझौते को लेकर ईरान के भीतर तीव्र विरोध हो रहा है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) और सरकार समर्थक समूह शीर्ष नेताओं की हत्या के बाद अमेरिका को बिना औचित्य छोड़ने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के 460 किलो संशोधित यूरेनियम को जब्त कर इसे अपनी ‘जीत’ के रूप में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है, लेकिन आईआरजीसी नाकाबंदी हटाए बिना समझौता नहीं करने की अड़ान पर है।

ट्रंप का इजरायल की प्रशंसा, हैरिस की आलोचना: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर नाकाबंदी जारी रहेगी लेकिन समझौता निकट है। उन्होंने इजरायल को साहसी, वफादार और समझदार सहयोगी बताते हुए संकट की घड़ी में लड़ने और जीतने की क्षमता की प्रशंसा की। इसके विपरीत, पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध में खींच कर अमेरिकी सैनिकों के जीवन को जोखिम में डाल दिया है। उन्होंने यह युद्ध अमेरिकी जनता नहीं चाहती, बताया है।