उद्योग विभाग का फैसला: च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड लिखने का अधिकार हाइलाइफ को मिला

उद्योग विभाग ने हाइलाइफ और सिक्सभिल्ला के ट्रेडमार्क विवाद में च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड लिखने का अधिकार हाइलाइफ को प्रदान किया है। सिक्सभिल्ला प्रालि की रजिस्ट्रेशन रद्द करते हुए विभाग ने हाइलाइफ के ब्रांड को मौलिक और बाजार में स्थापित माना है। यह फैसला बौद्धिक संपदा संरक्षण और उपभोक्ता हित की सुरक्षा की महत्वपूर्णता का संदेश देता है। यह फैसला ६ वैशाख, काठमाडौं को है।
च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड लिखने का अधिकार हाइलाइफ को मिला है। उद्योग विभाग ने हाइलाइफ और सिक्सभिल्ला के बीच ट्रेडमार्क विवाद में ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड का अधिकार हाइलाइफ का ही माना है। यह विवाद नेपाल एभरेस्ट फूड एण्ड स्नैक्स प्रालि द्वारा उत्पादित हाइलाइफ और सिक्सभिल्ला प्रालि के बीच लंबे समय से चल रहा था। विभाग ने अंततः सिक्सभिल्ला प्रालि की रजिस्ट्रेशन रद्द कर दी।
विभाग ने दोनों पक्षों के प्रमाण, दलीलें और सर्वोच्च अदालत के उदाहरणों का अध्ययन करने के बाद यह फैसला सुनाया कि च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड का अधिकार हाइलाइफ का ही है। विवाद के केंद्र में नेपाल एभरेस्ट फूड एण्ड स्नैक्स प्रालि द्वारा उपयोग किया गया ‘हाइलाइफ’ नामक ट्रेडमार्क, उससे जुड़े लेबल, डिज़ाइन, रंग संयोजन और समग्र प्रस्तुति था। विरोधी पक्ष ने आरोप लगाया था कि सिक्सभिल्ला प्रालि ने इसी चिन्ह की रूपरेखा, बनावट और प्रस्तुति का उपयोग किया है।
उद्योग विभाग ने दोनों पक्षों के दावे, प्रस्तुत दस्तावेज़ और दृश्य साक्ष्यों का विश्लेषण करने पर पाया कि सिक्सभिल्ला द्वारा दर्ज ट्रेडमार्क हाइलाइफ के ट्रेडमार्क से अत्यंत समान है। विशेषतः लेबल की बनावट, रंग संयोजन, अक्षर शैली, वस्तु की प्रस्तुति और समग्र बाहरी स्वरूप में उल्लेखनीय मेल रहा। विभाग ने कहा है, ‘व्यापारिक चिन्ह की मुख्य विशेषता उसकी अलग पहचान होना चाहिए। यदि कोई चिन्ह बाजार में अलग पहचान बनाने में विफल रहता है या पहले से स्थापित चिन्ह के समान दिखता है, तो उसे वैध नहीं माना जा सकता।’





