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पालान्टिर के ‘पश्चिम समर्थक घोषणापत्र’ ने क्यों मचाई हलचल?

१० वैशाख, काठमाडौं। पालान्टिर टेक्नोलोजीज ने अपने सीईओ एलेक्स कार्प और कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख निकोलस जामिस्का द्वारा लिखित पुस्तक ‘द टेक्नोलॉजिकल रिपब्लिक’ का सारांश सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस पुस्तक में व्यक्त किए गए कई विचार सामान्य टेक कंपनियों की सोच से काफी भिन्न हैं। इसमें राष्ट्रीय सेवा (नेशनल सर्विस) शुरू करने की बात, रक्षा क्षेत्र में भागीदारी टेक कंपनियों की नैतिक जिम्मेदारी बताई गई है और स्वतंत्र तथा लोकतांत्रिक शक्तियों की विजय के लिए ‘हार्ड पावर’ की आवश्यकता पर बल दिया गया है। साथ ही सार्वजनिक जीवन में धर्म को अपनाने की बात भी इस पुस्तक ने समर्थन की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद आव्रजन दबावों का समर्थन करने और गाजा तथा कब्ज़ा किए गए वेस्ट बैंक में इजरायली सेना की कार्रवाई का साथ देने के कारण यह पुस्तक वैश्विक आलोचना के दौर से गुजर रही है। ऐसे संवेदनशील समय में पालान्टिर ने यह २२ बिंदुओं वाला घोषणापत्र जैसा सामग्री जारी किया है। पुस्तक में मौजूद सांस्कृतिक पदानुक्रम (कल्चरल हायरेरकी) और इसके द्वारा रुढ़िवादी मानी जाने वाली संस्कृतियों पर दिया गया जोर कई लोगों के लिए चिंता का विषय बना है।

ऑनलाइन रिसर्च प्लेटफॉर्म बेलिंगकैट के संस्थापक इलियट हिगिंस ने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक टेक कंपनी द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला करने वाला घोषणापत्र पोस्ट करना ‘पूरी तरह सामान्य’ बात हो गई है। उन्होंने कहा, ‘यह समझना जरूरी है कि यह तर्क कौन कर रहा है। पालान्टिर रक्षा, गुप्तचर, आव्रजन और पुलिस एजेंसियों को ऑपरेशनल सॉफ्टवेयर बेचता है। ये २२ बिंदु केवल दार्शनिक विचार नहीं, बल्कि एक ऐसी कंपनी का सार्वजनिक विचारधारा हैं जिनकी आय बिलकुल इसी राजनीतिक आधार पर निर्भर है।’

पुस्तक क्या कहती है? यह स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज की रक्षा के लिए पहले इस्तेमाल किए जाने वाले ‘महत्वाकांक्षी भाषणबाजी’ से हटकर ‘हार्ड पावर’ (सैन्य और तकनीकी शक्ति) की आवश्यकता पर चर्चा करती है। साथ ही ‘आधुनिक राजनीति की मनोवैज्ञानिकरण’ की तंग आलोचना करती है। विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की गई है जो राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पहचान के प्रति बहुत भावुक हैं। राजनीति में कम दिलचस्पी लेने की अपील को आलोचक पालान्टिर की विवादास्पद राजनीतिक स्थिति और स्वतंत्रता पर नियंत्रण लगाने वाली सरकारी नीतियों से ध्यान हटाने वाला एक तरीका मानते हैं। कुछ लोगों को चिंता है कि पुस्तक तकनीक क्षेत्र की राष्ट्र सुरक्षा में भागीदारी और एआई हथियार विकास की जरूरत को बढ़ावा दे रही है। पालान्टिर के पोस्ट ने ‘खोखले बहुलवाद और सतही समावेशिता’ की आलोचना करते हुए बताया है कि बहुलता की प्रतिबद्धता कुछ विशेष संस्कृतियों और उपसंस्कृतियों की असाधारण उपलब्धियों को अनदेखा कर देती है।

प्रतिक्रियाएँ कैसी हैं? वियना विश्वविद्यालय के तकनीकी दार्शनिक मार्क कोकेलबर्ग ने पालान्टिर के संदेश को टेक्नो-फासीवाद का उदाहरण बताया है। ग्रीक अर्थशास्त्री और पूर्व वित्त मंत्री यानिस वरौफाकिस ने कहा कि पालान्टिर ने ‘परमाणु विनाश के समय मानवता के अस्तित्व के लिए एआई-प्रेरित खतरे में वृद्धि’ की संकेत दी है। उद्यमी और भू-राजनीतिक टिप्पणीकार आर्नो बर्ट्रां ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पालान्टिर ने एक खतरनाक वैचारिक एजेंडा का खुलासा किया है और कहा, ‘वे कहना चाहते हैं कि हमारे उपकरण आपकी विदेश नीति का समर्थन करने के लिए नहीं, बल्कि हमारी नीतियों को लागू करने के लिए बनाए गए हैं।’

पालान्टिर क्या है? पालान्टिर टेक्नोलोजीज विश्व की सबसे प्रभावशाली डेटा विश्लेषण कंपनियों में से एक है, जो सरकार, सेना और वैश्विक निगमों के साथ बड़े समझौते करती है। २००३ में एलेक्स कार्प और पीटर थिल द्वारा स्थापित इस कंपनी ने सीआईए की वेंचर कैपिटल शाखा ‘इन-क्यू-टेल’ की मदद से अपनी शुरुआत की। इसका प्रारंभ गुप्तचर कार्यों के लिए ११ सितंबर २००१ के बाद हुआ और बाद में यूरोप, मध्य पूर्व सहित अन्य क्षेत्रों में फैल गया।

थिल अभी सक्रिय नहीं हैं, जबकि कार्प कंपनी के सार्वजनिक चेहरे हैं। कार्प के नेतृत्व में पालान्टिर ने इजरायल की साइबर-इंटेलिजेंस यूनिट ‘८२००’ के पूर्व सदस्यों का खूब उपयोग किया है। जनवरी २०२४ में कंपनी ने इजरायल के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जिसके बाद गाजा और कब्ज़ा किए गए वेस्ट बैंक में इसकी सक्रियता और बढ़ी। रुकें हुए संचार, उपग्रह आंकड़ों और अन्य डिजिटल स्रोतों को मिलाकर पालान्टिर ने इजरायली सेना के लिए लक्ष्यित डेटाबेस बनाए और ‘किल लिस्ट’ तैयार करने में मदद की। इसने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी गहरा संबंध बनाया, खासकर ट्रंप प्रशासन के समय। इसने वेस्ट बैंक में इजरायली कब्जा और गाजा में नरसंहार में भी इजरायल के सहयोग से काम किया।

एम्नेस्टी इंटरनेशनल जैसे अधिकारवादी समूहों के अनुसार, ‘पालान्टिर ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों की अनदेखी करने का रिकॉर्ड रखा है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका में आव्रजन संबंधित मानवाधिकार उल्लंघनों में योगदान दे सकता है और इजरायली सेना को एआई उत्पाद व सेवा लगातार प्रदान करता है, जो गाजा में नरसंहार को समर्थन देते हैं।’

इजरायल-अमेरिकी आरोपों के कारण पालान्टिर टेक्नोलोजीज विश्व स्तर पर आलोचनाओं का सामना कर रही है। अमेरिका में इसे आव्रजन प्रवर्तन और पुलिस संचालन के उपकरण देने का आरोप है, जो निजता और कानूनी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं इजरायल में एआई और डेटा प्लेटफॉर्म गाजा में सैन्य ऑपरेशन्स के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, जिनसे नरसंहार के लिए लक्षित निर्णय लेने का समर्थन होता है।

इस वर्ष की शुरुआत में एक संवाद में पालान्टिर के प्रवक्ता ने कहा था, ‘पालान्टिर इजरायल का समर्थन करता है। अक्टूबर ७ की भयावह घटनाओं ने हमें इजरायल का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया। हम पश्चिम और उसके सहयोगियों का समर्थन करते हैं और इजरायल पश्चिम का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।’ उन्होंने हमास के नेतृत्व में अक्टूबर ७, २०२३ को इजरायल पर हुए हमले का संदर्भ देते हुए इजरायल-गाजा युद्ध पर बात की थी।

यह घोषणा अभी क्यों सार्वजनिक की गई? पालान्टिर की राजनीति और इसका प्रभाव पश्चिमी देशों में चिंता और बहस का विषय बन रहा है। न केवल अमेरिकी डेमोक्रेट बल्कि जर्मनी, आयरलैंड और यूरोपीय संसद के राजनेताओं ने भी इस टेक कंपनी की आलोचना की है। जर्मन सांसद और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पालान्टिर के उत्पाद यूरोपीय संघ की सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते। ब्रिटेन में नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) द्वारा पालान्टिर की तकनीक को मंजूरी मिलने पर तीखी आलोचना हुई।

स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी ३३ करोड़ पाउंड की डील को तत्काल तोड़ने की मांग करने वाले सांसदों ने पिछले सप्ताह के बहस में पालान्टिर को ‘भयानक और शर्मनाक’ करार दिया, जिसके बाद सरकार ने भी स्वीकार किया कि वे इस अमेरिकी कंपनी की राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं करते। पालान्टिर टेक्नोलोजीज यूके के प्रमुख लुइस मोस्ले ने कंपनी की ओर से बताया कि वे मरीजों के डेटा की परवाह नहीं करते और उनकी तकनीक स्वास्थ्य सेवा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए मात्र एक उपकरण है।