
नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने संसद अधिवेशन के स्थगन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के आह्वान पर 24 घंटे के भीतर सरकार की सिफारिश पर संसद अधिवेशन का स्थगन तथा अध्यादेश जारी करने की संभावना पर संदेह व्यक्त किया है। महामंत्री पौडेल ने सरकार से अनुरोध किया कि जननिर्वाचित संस्थाओं की गरिमा को उच्च बनाए रखें और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।
काठमांडू, 11 वैशाख। महामंत्री पौडेल ने संसद अधिवेशन के स्थगन पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘इस घटना ने यह आशंका जगाई है कि एक मजबूत बहुमत वाली सरकार नीति निर्माण के प्रक्रिया में संसद को विश्वास में लेकर पारदर्शिता बरतने के बजाय अध्यादेश के माध्यम से काम करने की कोशिश कर रही है।’ उन्होंने सरकार के पास सहज संसदीय गणित और अनुकूल राजनीतिक परिस्थिति होते हुए भी राजनीतिक आत्मविश्वास की कमी पर सवाल उठाए।
महामंत्री पौडेल ने लोकतंत्र में विधि और प्रक्रिया की पारदर्शिता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रक्रिया का उल्लंघन करके परिणाम की इच्छा लोकतांत्रिक पद्दति और मर्यादा का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, मैं सरकार से आग्रह करता हूँ कि जननिर्वाचित संस्थाओं की गरिमा बनाए रखें और सम्मानित संसद को पूर्ण विश्वास में लेकर पारदर्शितापूर्वक आगे बढ़ें।’





