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खेलकूद मंत्रालय कुमार बेनका भाई सिद्धि व्यञ्जनकार द्वारा संचालित

मंत्री सस्मित पोखरेल ने प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार कुमार बेनका के भाई सिद्धि व्यञ्जनकार को खेलकूद मंत्रालय का प्रमुख सलाहकार नियुक्त किया है। वही सलाहकार खेलकूद से संबंधित कार्य मंत्री के समकक्ष ही संभाल रहे हैं।

समाचार सारांश

स्रोत की समीक्षा की गई।

  • सिद्धि व्यञ्जनकार सहित की टीम ने खेलकूद मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) में ‘राष्ट्रीय टीम तैयारी’ का निरीक्षण किया।
  • राखेप ने बजट की कमी के कारण रुके हुए एशियाई खेल तैयारी प्रशिक्षण को पुनः शुरू करने का निर्देश दिया।
  • खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने खेलकूद में कम समय बिताने का उल्लेख किया और सचिवालय के सलाहकार सिद्धि के मंत्रालय के काम आगे बढ़ाने की बात कही।

११ वैशाख, काठमाडौं। सिद्धि व्यञ्जनकार सहित की टीम गत सोमवार राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) के ‘‘राष्ट्रीय टीम तैयारी’’ कार्यक्रम के निरीक्षण के लिए पहुंची थी। शिक्षा, विज्ञान, युवा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल के अनुपस्थित रहने पर टीम खेलकूद मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करते हुए इस निरीक्षण में शामिल हुई।

आगामी असोज ३ से जापान में आयोजित हो रहे २०वें एशियाई खेलों की तैयारी के लिए राखेप ने २०८० माघ १५ से शुरू किया गया मिशन–२०२६ कार्यक्रम बजट की कमी के कारण माघ के अंत से रोक दिया है।

निरीक्षण टीम ने रुके हुए काम को लेकर अनजानगी जताई तो राखेप सदस्य सचिव रामचरित्र मेहताल से इस विषय में सवाल किया और तुरंत प्रशिक्षण पुनः शुरू करने का निर्देश दिया। टीम में सिद्धि व्यञ्जनकार और राजु सिंह भी शामिल थे।

मंत्री के सचिवालय ने बताया कि मंत्री पोखरेल ने सिद्धि व्यञ्जनकार को प्रमुख सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। सिद्धि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के प्रमुख राजनीतिक सलाहकार कुमार बेनका के भाई हैं। इसी तरह निशम महर्जन मुख्य निजी सहायक और राजु सिंह युवा विकास, अनुगमन एवं मूल्यांकन सलाहकार के रूप में नियुक्त हैं।

खेलकूद मंत्रालय में गुरुवार दोपहर पहुंचे तो मंत्री का कार्यालय खाली था, जबकि प्रमुख सलाहकार सिद्धि और टीम सचिवालय के कार्यालय में नजर आए।

खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल होने के बावजूद निरीक्षण से लेकर दिशा-निर्देश तक के कार्यों का नेतृत्व सिद्धि व्यञ्जनकार कर रहे हैं। बजट आवंटन से लेकर खिलाड़ियों की विदाई तक के कार्यों में सिद्धि मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके अनुसार मंत्रालय के भीतर ‘सस्मित ने मुझे शिक्षा देखो कहा है, खेलकूद कार्य मुझे देखना है’।

खेलकूद में आने वाली समस्याओं की जानकारी प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह कुमार बेनका को देते हैं और कुमार अपने भाई सिद्धि को निर्देश देते हैं। इस प्रकार सिद्धि जिम्मेदारी लेकर खेलकूद मंत्रालय के काम आगे बढ़ा रहे हैं।

कर्मचारियों को निर्देश देना और खेलकूद में आई समस्याओं का पूरा लेखा-जोखा सिद्धि ही कर रहे हैं। सलाहकार की भूमिका सलाह देने तक सीमित नहीं है, इस पर सिद्धि ने कहा, ‘‘अब खेलकूद की स्थिति जो है, उसी के बारे में संवाद करते रहेंगे।’’

सिद्धि ने कहा कि उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ही मंत्रालय जाना पड़ता है और फिलहाल मंत्रालय का कामकाज कैसा चल रहा है, इस पर वे कोई साफ प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। वहीं राजु सिंह ने कहा, ‘‘हम ही खेलकूद में काम कर रहे हैं। मंत्री को हमने काम में शामिल नहीं किया है। मुख्य बात बजट है, उसके अलावा कुछ भी नहीं। मिशन हम ही चला रहे हैं।’’

राजु सिंह ने बताया कि टीम सुबह ७ बजे से रात ११-१२ बजे तक मंत्रालय में काम कर रही है।

आमतौर पर मंत्री सलाहकारों को सलाह देने के उद्देश्य से नियुक्त करते हैं, लेकिन खेलकूद क्षेत्र में सिद्धि व्यञ्जनकार मंत्री समकक्ष काम कर रहे हैं, ऐसा खेलकूदकर्मी कहते हैं।

राखेप सदस्य सचिव रामचरित्र मेहताले सिद्धि के निर्देश स्वीकार किए हैं और मंत्रालय के काम में सहयोग के उद्देश्यों से कार्य आगे बढ़ रहा है।

खेलकूद में मंत्री का न्यूनतम ध्यान

लगभग एक महीने नियुक्ति मिलने के बाद खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल धनगढी के फाप्ला क्रिकेट मैदान में जाकर केवल बैटिंग ही कर पाए हैं। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के निरीक्षण में भी उन्होंने अधिक समय शिक्षा संबंधित विषयों पर दिया।

उनकी एक महीने की उपलब्धि में राखेप निरीक्षण, एशियन बीच गेम्स में कबड्डी और कुश्ती टीम को विदाई देना आदि शामिल हैं, इसके अलावा फाप्ला मैदान में प्रर्दशन सीमित है।

शिक्षा मंत्रालय के नजदीक होने के कारण वह अधिकतर समय खेलकूद से अधिक शिक्षा मंत्रालय में व्यस्त दिखते हैं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी इसे प्रमाणित करते हैं।

एसईई परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को शुभकामना देने और परीक्षा समाप्ति के बाद बधाई देने के अलावा मंत्री पोखरेल कराटे वन प्रीमियर लीग २०२६ में रजत पदक जीतने वाली एरिका गुरुङ को सम्मानित करने की तैयारी कर रहे हैं।

खेलकूद मंत्रालय में सरकार का समय कम होने के कारण एक कर्मचारी ने कहा, ‘‘नियमित गतिविधि ही हो रही है, कोई विशेष बात नहीं है। जब वे काठमांडू में रहते हैं तब मंत्रालय में केवल १-२ घंटे आते हैं।’’

अधिकांश लोगों का मानना है कि मंत्री शिक्षा मंत्रालय पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और खेलकूद को नजरअंदाज कर रहे हैं। राखेप के एक बोर्ड सदस्य ने कहा, ‘‘वर्तमान खेलकूद मंत्री ने खेलकूद के लिए पाँच मिनट भी समर्पित नहीं किया है।’’