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निजामती कर्मचारीयों के लिए दो वर्ष की कुलिंग पीरियड का प्रस्ताव

१२ वैशाख, काठमाडौं। सरकारले निजामती सेवाबाट अवकाश प्राप्त कर्मचारीयों के लिए दो वर्ष तक अन्य किसी पद पर कार्यरत न रहने देने वाली कुलिंग पीरियड लागू करने का नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय ने शुक्रवार अपराह्न सार्वजनिक किए गए विधेयक के मसौदे में मुख्यसचिव, सचिव और सहसचिव पद छोड़ने के बाद दो वर्ष तक संवैधानिक, कूटनीतिक और अन्य सरकारी पदों पर नियुक्ति न होने का प्रावधान रखा गया है। यह व्यवस्था अनिवार्य अवकाश प्राप्तकर्ता और इस्तीफा देने वाले दोनों पर लागू होगी।

इस उच्च पद के अलावा अन्य कर्मचारियों के लिए भी दो वर्ष की कुलिंग पीरियड निर्धारित की गई है। वे अंतरसरकारी निकाय या अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदार के अलावा अन्य निकाय द्वारा संचालित परियोजना या कार्यक्रम में कर्मचारी या परामर्शदाता के रूप में कार्य नहीं कर पाएंगे। अवकाश प्राप्ति के बाद एक वर्ष के भीतर कार्यरत निकाय से संबंधित संस्था या उस निकाय द्वारा नियंत्रित संस्था में कर्मचारी या परामर्शदाता के रूप में काम करने पर प्रतिबंध प्रस्ताव में शामिल है। इस प्रकार कार्यरत कर्मचारियों को अधिनियम के अनुसार सेवा सुविधाएं नहीं दी जाएंगी।

पहले भी संघीय निजामती विधेयक में दो वर्ष की कुलिंग पीरियड का प्रावधान था। राज्यव्यवस्था समिति में चर्चा के दौरान तत्कालीन मुख्यसचिव एक नारायण अर्याल, संघीय संसद के महासचिव पदमप्रसाद पांडे, सचिव किरणराज शर्मा, राधिका अर्याल, कृष्णहरी पुष्कर सहित अन्य सदस्यों ने सामूहिक रूप से कुलिंग पीरियड की व्यवस्था का विरोध किया था। विधेयक पारित करते समय कुछ नए प्रावधान जोड़ने या घटाने के कारण संघीय संसद ने जांच समिति गठित की थी। इसी विवाद के कारण राज्यव्यवस्था समिति के सभापति रामहरी खतिवड़ा ने इस्तीफा दे दिया था।