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पराजुली ने कहा: कुखुरे के अंडे पर कर लगाने से उत्पादन में निराशा

रास्वपा सांसद गणेश पराजुली ने स्थानीय सरकार द्वारा लगाए जा रहे अव्यावहारिक करों तथा सुकुमवासी समस्या समाधान में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय तहों को संघीय सरकार की कृषि नीति के अनुरूप नहीं, बल्कि एक उपयुक्त कर प्रणाली बनानी आवश्यक है तथा सुकुमवासी समस्याओं के समाधान में वास्तविक समन्वय होना चाहिए। पराजुली ने पिछले ३७ वर्षों से आयोग बनाकर कार्यकर्ताओं को जमीन बाँटने और केवल वोट की राजनीति करने वाले कार्यों की भी आलोचना की।

१३ वैशाख, काठमाडौं। पराजुली ने कहा कि स्थानीय तहों को संघीय सरकार की कृषि नीति से मेल न खाने वाली कर प्रणाली बनानी चाहिए। रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर संसाधन प्रबंधन आवश्यक है, परन्तु वह प्रभावी और न्यायसंगत होना चाहिए। सुकुमवासी समस्या के संबंध में उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ३७ वर्षों से आयोग बनाकर केवल कार्यकर्ताओं को जमीन बाँटी गई है और यह केवल वोट की राजनीति में उलझा हुआ रहा है।

उन्होंने कहा कि सुकुमवासी समस्या को हल करने के लिए स्थानीय और संघीय सरकारों के बीच वास्तविक समन्वय जरूरी है। रास्वपा ने इस पांच वर्ष के कार्यकाल में सुशासन और समृद्धि का मजबूत आधार बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई है। उन्होंने कहा, ‘कृषि में सहूलियत देने की बजाय कुखुरों के अंडे, चल्ले और मुर्गों पर भी कर लगाया गया है। ऐसी नीति उत्पादन को निरुत्साहित करेगी।’

संसदीय दल के उपनेता पराजुली ने आरोप लगाया कि विगत राजनीतिक नेतृत्व ने व्यवस्था परिवर्तन का केवल स्वार्थ उठाया लेकिन स्थिति सुधारने पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पुरानी पार्टियों के त्याग और बलिदान का सम्मान किया, लेकिन उनकी कार्यशैली ने युवा वर्ग को राजनीति में आने के लिए बाध्य कर दिया है।