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क्रिप्टोकरेन्सी: निषेध से नियमन तक की यात्रा

नेपाल राष्ट्र बैंक ने क्रिप्टोकरेन्सी को पूर्णतः निषिद्ध कर दिया है और इसे मुलुकी अपराध संहिता २०७४ के दफा २६२ (क) के तहत फौजदारी अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। नेपाल में क्रिप्टोकरेन्सी के अवैध कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग की समस्या बढ़ती जा रही है, जिसमें कई युवा अनजाने में अपराधी गिरोहों के शिकार बन रहे हैं। विश्व के ७५ प्रमुख अर्थतंत्रों में से ४५ में क्रिप्टोकरेन्सी वैध है, जबकि नेपाल सहित १० देशों में इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है और नेपाल को नियमन के रास्ते पर चलना आवश्यक प्रतीत होता है।

मानव सभ्यता के इतिहास में विनिमय के माध्यम समय के साथ बदलते रहे हैं। वस्तु विनिमय से शुरू हुई यह यात्रा धातु मुद्रा, कागजी नोट के माध्यम से आज की अपारंपरिक डिजिटल मुद्रा तक पहुंच चुकी है। विश्व अर्थव्यवस्था इतनी तेजी से डिजिटल हो रही है कि कल तक जिन तकनीकों की कल्पना करना कठिन था, वे आज हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं। पहले जब तक पैसे जेब में न होते थे, बाजार जाना असंभव समझा जाता था, आज हम केवल क्यूआर कोड स्कैन करके लगभग सभी आर्थिक लेनदेन क्रियान्वित करते हैं।

क्रिप्टोकरेन्सी की बात करते समय इसकी रीढ़ मानी जाने वाली ब्लॉकचेन तकनीक को समझना अत्यंत आवश्यक है। ब्लॉकचेन इंटरनेट पर चलने वाला एक साझा और सुरक्षित खाता है, जिसमें किए गए हर लेनदेन का विवरण विश्व के हजारों कंप्यूटरों पर एक साथ अपडेट होता है। तकनीकी भाषा में इन्हें नोड कहा जाता है। इस तकनीक में डेटा को क्रिप्टोग्राफिक तरीके से संरक्षित किया जाता है। इसलिए, एक बार जब यह विवरण खाते में दर्ज हो जाता है, तो कोई भी इसे मिटा नहीं सकता और न ही बदल सकता है।

नेपाल में हाल ही में क्रिप्टोकरेन्सी कारोबार पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कानूनी कदम बेहद गंभीर माने जा रहे हैं। मुलुकी अपराध संहिता २०७४ के दफा २६२ (क) में २०८१ वैशाख ३० को किए गए नवीनतम संशोधन के साथ यह विषय अब केवल राष्ट्र बैंक के निर्देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरी तरह से फौजदारी अपराध के दायरे में आ गया है, जिससे सरकार की कड़ी नीति स्पष्ट होती है।