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फिफा ने यलो कार्ड नियम में बदलाव की तैयारी शुरू की

फिफा आगामी विश्वकप के लिए यलो कार्ड से जुड़े नियम में बदलाव करते हुए, समूह और क्वार्टर फाइनल दौर के बाद कार्ड रिसेट करने का प्रस्ताव लेकर आया है। वर्तमान में, दो यलो कार्ड मिलने पर खिलाड़ियों को निलंबित किया जाता है, जो कि नए नियम में बना रहेगा, लेकिन यह बदलाव सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैचों में खिलाड़‍ियों को खेलने का मौका दिलाने में सहायता करेगा। इस प्रस्ताव को फिफा काउंसिल की वैंकूवर बैठक में चर्चा के लिए एजेंडा पर रखा गया है। १५ वैशाख, काठमांडू।

विश्व फुटबॉल का सर्वोच्च संगठन फिफा ने आगामी विश्वकप के लिए यलो कार्ड संबंधी नियमों को संशोधित करने की योजना बनाई है। बीबीसी स्पोर्ट्स के अनुसार, फिफा ने ‘यलो कार्ड एम्नेस्टी’ (माफी) की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत समूह चरण के बाद ही नहीं, बल्कि क्वार्टर फाइनल के बाद भी खिलाड़ियों के यलो कार्ड की गिनती रिसेट की जाएगी। वर्तमान नियम के तहत, यदि खिलाड़ी ने लगातार दो यलो कार्ड प्राप्त किए तो उन्हें अगले मैच के लिए निलंबित किया जाता है, जिससे क्वार्टर फाइनल में खिलाड़ी निलंबन के खतरे में रहते हैं।

आगामी विश्वकप टूर्नामेंट टीमों की संख्या ३२ से बढ़ाकर ४८ की जाएगी, जिससे मैचों की संख्या भी बढ़ेगी। ऐसे में कई खिलाड़ी महत्वपूर्ण चरणों में निलंबित होने के जोखिम में होंगे, इसलिए फिफा ने नए नियम लागू करने का विचार किया है। प्रस्ताव के अनुसार, दो यलो कार्ड मिलने पर निलंबन का प्रावधान जारी रहेगा, लेकिन समूह चरण और क्वार्टर फाइनल के बाद कार्ड की गिनती रीसेट कर दी जाएगी। इससे खिलाड़ियों को सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले गंवाने का जोखिम कम होगा। इस विषय पर कनाडा के वैंकूवर में मंगलवार को होने वाली फिफा काउंसिल की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी।