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बागलुङ की चाय की उत्कृष्टता हुई प्रमाणित

३०वें राष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर आयोजित टी–टेस्टिंग प्रतियोगिता में बागलुङ की गोल्डेन टी इस्टेट प्रा. लि. ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में नेपाल भर के ४५ चाय उद्योगों से १२० नमूनों का परीक्षण किया गया था, जिसे भारत के वरिष्ठ टी टेस्टरों द्वारा मूल्यांकन किया गया। राष्ट्रीय चाय तथा कॉफी विकास बोर्ड के सहयोग से गोल्डेन टी इस्टेट ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया है और प्राविधिकों ने उच्च ऊंचाई पर उगाई गयी चाय की गुणवत्ता उत्कृष्ट होने की बात कही है। १६ वैशाख, काठमांडू।

गोल्डेन टी इस्टेट प्रा. लि. ने ताराखोला गाउँपालिका–१, शिरूवारी में आयोजित चाय स्वाद परीक्षण में श्रेष्ठता हासिल की है। चार विधाओं में आयोजित चाय की स्वाद परीक्षण में गोल्डेन टी इस्टेट के ‘ग्रीनिस आर्टोडॉक्स’ और ‘गोल्डेन टी’ को उत्कृष्ट घोषित किया गया। प्रतियोगिता में भारत के वरिष्ठ टी टेस्टर कौशिक भट्टाचार्य और डेविड जोनसन तथा राष्ट्रीय चाय तथा कॉफी विकास बोर्ड के वरिष्ठ प्राविधिक नवीन कोइराला ने परीक्षण किया।

स्वाद परीक्षण में सुखी चाय की संरचना, सुगंध, गर्म पानी में डुबोने के बाद स्वरूप, गंध और स्वाद के आधार पर मूल्यांकन किया गया। राष्ट्रीय चाय तथा कॉफी विकास बोर्ड के आयोजन में संपन्न ३०वें राष्ट्रीय चाय दिवस के मुख्य समारोह में विजेताओं को प्रमाणपत्र वितरित किया गया। गोल्डेन टी इस्टेट प्रा. लि. के अध्यक्ष सरोज दाहाल ने बोर्ड के सहयोग से चाय प्रसंस्करण शुरू करने के बाद चाय की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला बताया।

प्राविधिक नगेन्द्र सुवेदी ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में चाय की चीनी जात की खेती होती है जिससे आर्थोडॉक्स, ग्रीन टी सहित अन्य चाय उत्पाद संभव हैं। उन्होंने कहा, “ऊंचाई बढ़ने पर उत्पादन कम होता है लेकिन गुणवत्ता बढ़ती है।” नेपाल में २२ सौ मीटर से ऊपर की ऊंचाई पर विरले ही चाय बगान पाए जाते हैं और उच्च ऊंचाई की चाय उच्च गुणवत्ता वाली होती है। गण्डकी प्रदेश के बागलुङ के साथ-साथ कास्की और लमजुङ में भी व्यावसायिक रूप से चाय की खेती हो रही है।