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खानेपानी विभाग के पूर्व प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव पर डेढ़ करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला दर्ज

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग ने खानेपानी विभाग के तत्कालीन प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव के खिलाफ डेढ़ करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया है। आयोग के अनुसार, २०४७ असार ३१ से २०८० पुष ९ तक यादव की आय और खर्च में एक करोड़ ४६ लाख रुपये अधिक स्रोत बिना पुष्टि के पाए गए हैं। यादव की पत्नी निर्मला कुमारी के नाम पर दर्ज संपत्ति भी जब्त करने तथा जेल की सजा देने की मांग की गई है।

खानेपानी तथा सरसफाई डिवीजन कार्यालय, कलैया के तत्कालीन कार्यवाहक कार्यालय प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव पर लगभग डेढ़ करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में अख्तियार ने मुकदमा दायर किया है। २०४७ असार ३१ से २०८० पुष ९ तक के उनके कार्यकाल की जांच में उसने स्रोत नखुले हुए संपत्ति अर्जित करने का तथ्य सामने आया है।

अख्तियार के अनुसार, यादव की वैधानिक आमदनी कुल तीन करोड़ ४६ लाख २१ हजार रुपये थी। जांच अवधि के दौरान यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खर्च में जमीन खरीद, मकान निर्माण, शेयर खरीद, वाहन खरीद, शिक्षा खर्च तथा अन्य खर्च शामिल पाए गए हैं। कुल आय की तुलना में कुल व्यय एक करोड़ ४६ लाख ८१ हजार २२५ रुपये ९० पैसे अधिक पाया गया है।

अख्तियार ने गैरकानूनी रूप से अर्जित इस संपत्ति को यादव की पत्नी निर्मला कुमारी के नाम पर होना बताया है और उनकी संपत्ति जब्त, जुर्माना, एवं जेल की सजा की मांग की है। इसके अलावा उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी अतिरिक्त जांच जारी है।