
सरकार ने कर्मचारियों को १५ दिनों के भीतर वेतन भुगतान करने की प्रक्रिया को पायलट परियोजना के रूप में वैशाख १६ से लागू किया है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने १५ दिनों के भीतर वेतन भुगतान योजना की शुरुआत करते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को सक्रिय करना है। महालेखा नियन्त्रक कार्यालय ने भी प्रदेश तथा अन्य सेवाओं के कर्मचारियों को क्रमिक रूप से १५ दिनों के भीतर वेतन देने की व्यवस्था आगे बढ़ाने की जानकारी दी है।
१६ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने शनिवार से कर्मचारियों को १५ दिनों में वेतन प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पायलट परियोजना को आज बुधवार से लागू किया गया है, ऐसी जानकारी अर्थ मंत्रालय ने दी है। बुधवार को अर्थ मंत्रालय में आयोजित समारोह में अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने १५ दिनों के भीतर वेतन भुगतान की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की। महालेखा नियन्त्रक कार्यालय के कर्मचारियों का वेतन प्रविष्टि कम्प्यूटरीकृत गवर्नमेंट अकाउंटिंग सिस्टम (सिगास) के माध्यम से कोष तथा लेखा नियन्त्रक कार्यालय को भुगतान आदेश भेजने की व्यवस्था की गई है, और अर्थमंत्री वाग्ले ने १५ दिनों में वेतन भुगतान प्रक्रिया शुरू की है।
अर्थ मंत्रालय के कर्मचारियों को वैशाख माह के प्रथम अर्धमासिक (१५ दिन) का वेतन भुगतान पहले ही किया जा चुका है। १५ दिनों में वेतन भुगतान की शुरुआत करते हुए अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को तेजी से गति मिलेगी। “अगर १५ दिनों में वेतन दिया जाता है तो बाजार सक्रिय होगा, उपभोग और मांग दोनों बढ़ेंगे,” उन्होंने कहा, “यह पायलट परियोजना वर्तमान में संघीय निजामती कर्मचारियों पर लागू की गई है और धीरे-धीरे सभी सरकारी वेतनधारियों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।”
महालेखा नियन्त्रक शोभाकान्त पौडेल ने बताया कि अब क्रमशः प्रदेश और अन्य सरकारी सेवाओं के कर्मचारियों को भी १५ दिनों के भीतर वेतन मिलेगा। अपने कार्यालय की तकनीकी तैयारियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया क्रमशः आगे बढ़ाई जाएगी। उनके अनुसार वर्तमान प्रणाली से १५ दिन या एक महीने के अंदर कर्मचारी जब चाहे वेतन लेने का विकल्प उपलब्ध है। अर्धमासिक वेतन भुगतान से बाजार में नियमित मांग उत्पन्न होगी और अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में मदद मिलेगी। यह उपभोग खर्च के संतुलित वितरण तथा छोटे व्यवसायों में नकदी प्रवाह बढ़ाने में भी सहायता करेगा। १५ दिनों में वेतन भुगतान का सेवा क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में वृद्धि की उम्मीद है। गत वैशाख ४ को अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने सरकारी कर्मचारियों को हर १५ दिन में वेतन उपलब्ध कराने की पायलट परियोजना आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था।





