
१७ वैशाख, काठमाडौं। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला शुरू करने के बाद उत्पन्न तनाव के कारण कच्चे तेल का मूल्य पिछले चार वर्षों में सबसे ऊँचे स्तर तक पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल का मूल्य ११९.७६ डॉलर प्रति बैरल हो गया है। यह जून २०२२ में देखा गया सबसे उच्चतम स्तर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान २०२२ के फरवरी-मार्च में कच्चे तेल की कीमत लगभग १३० डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई थी।
द गार्जियन के अनुसार, कच्चे तेल के मूल्य में वर्तमान उच्च वृद्धि में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी भूमिका निभाई है। ट्रम्प ने ईरान के बंदरगाहों पर सैन्य नाकाबंदी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपना परमाणु समझौता पूरा नहीं करता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी। इसका सीधा प्रभाव स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज समुद्री मार्ग पर पड़ा है। ईरान द्वारा नियंत्रित स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज विश्वभर तेल परिवहन का एक अहम जलमार्ग है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच समय-समय पर संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं।
असुरक्षा के कारण सैकड़ों तेल टैंकर और जहाज अलपत्र पड़े हैं, जिससे वैश्विक तेल और गैस की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा महंगाई बढ़ रही है। तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच पाकिस्तान में वार्ता की पहल हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।





