
समाचार सारांश एडोल्फ हिटलर ऑस्ट्रिया के ब्राउनाउ एम इन में जन्मे थे और बाद में १९३० के दशक में वे जर्मनी के नागरिक बने। १९२३ के असफल विद्रोह के बाद हिटलर को देशद्रोह के आरोप में जेल जाना पड़ा और वहीं उन्होंने ‘मेन क्याम्फ’ लिखना शुरू किया। इतिहास के सबसे प्रसिद्ध किरदारों में से एक एडोल्फ हिटलर हैं। जर्मनी के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत की, और वे क्रूर और तानाशाही शासक के रूप में जाने जाते हैं। हिटलर के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध है, फिर भी वे कई लोगों के लिए जिज्ञासा का विषय बने हुए हैं। वे कैसे थे? क्या सोचते थे? कैसे बोलते थे? और वे इतने शक्तिशाली कैसे बने? ये सभी सवाल लोगों के मन में हैं। इस लेख में हिटलर से जुड़ी १२ रोचक बातें प्रस्तुत की गई हैं।
१. शुरू में ऑस्ट्रियाई थे – हिटलर जर्मन राष्ट्रवादी तो थे, लेकिन वे अप्रैल १८८९ में ऑस्ट्रिया के ब्राउनाउ एम इन में जन्मे थे। अपने विद्यालय शिक्षक लियोपोल्ड पोएट्स के प्रभाव के कारण उन्होंने ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य के प्रति घृणा विकसित की और जर्मनी के प्रति वफादार हो गए। १९१४ में म्यूनिख में रहकर उन्होंने बवेरियाई सेना में भर्ती लिया। १९२५ में उन्होंने अपनी ऑस्ट्रियाई नागरिकता छोड़ दी और १९३० के दशक की शुरुआत में आधिकारिक तौर पर जर्मन नागरिक बन गए। नाजी पार्टी में शामिल होकर वे १९३३ में जर्मन सरकार के नेता बने।
२. असफल चित्रकार – हिटलर के युवा काल में चित्रकार बनने का सपना था। कई लोग सोचते हैं कि यदि वे सफल चित्रकार बने होते तो बीसवीं सदी कैसी होती। उन्होंने वियना की एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के प्रवेश परीक्षा में १९०७ और १९०८ में दो बार असफलता पाई। वास्तुकला संबंधी रेखाचित्रों में उनकी कुछ प्रतिभा थी, लेकिन मानव आकृतियों में सटीकता और चरित्र की कमी थी। कला में उनकी रुचि बनी रही। थर्ड राइच काल में आधुनिक और प्रभाववादी कला को ‘यहूदी और बोल्शेविक कलाकारों द्वारा उत्पन्न’ बताया जाता था और नाजी उन्हें नफरत करते थे, साथ ही कई कला कृतियां जब्त की जाती थीं। हिटलर ने अपनी निजी संग्रह के लिए कई कलाकृतियां जमा की थीं।
३. बेघर चित्रकार के रूप में संघर्ष – सफल न होने के बाद हिटलर आर्थिक तंगी में चले गए। वे अपनी पेंटिंग और पोस्टकार्ड बेच पाने में असफल रहे, इसलिए १९०९ में वियना के घरबार विहीन आश्रय स्थल में रहने को मजबूर हुए। १९१३ तक वे सार्वजनिक छात्रावास में रहे। बाद में पिता की पैतृक संपत्ति मिलने पर वे म्यूनिख आ बस गए।
४. प्रथम विश्व युद्ध के घायलों में – ऑस्ट्रियाई नागरिक होने के बावजूद उन्होंने बवेरियाई सेना में भर्ती होकर १९१६ में सोम युद्ध में भाग लिया। वहां पैरों में चोट लगने की वजह से वे घायल हुए। १९१८ में मस्टर्ड गैस का उपयोग होने पर उनके आँखें अस्थायी रूप से अंधी हो गईं। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उन्हें जर्मनी के आत्मसमर्पण की खबर मिली। युद्ध में उन्हें ‘आयरन क्रॉस’ पदक प्राप्त हुआ था।
५. देशद्रोह के आरोप में जेल – १९२३ में नाजी पार्टी के असफल विद्रोह के कारण हिटलर को देशद्रोह के आरोप में जेल में रखा गया। उन्हें पांच वर्षों की जेल सजा सुनाई गई थी, लेकिन उन्होंने एक वर्ष से कम समय जेल में बिताया। जेल में वे प्रसिद्ध पुस्तक ‘मेन क्याम्फ’ लिखना शुरू कर चुके थे।
६. कभी चुनाव नहीं जीते – १९३२ के राष्ट्रपति चुनाव में हिटलर, पल वॉन हिन्डेनबर्ग से हार गए। लेकिन उसी साल के संघीय चुनाव में नाजी पार्टी ने ३७ प्रतिशत वोट हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी साबित हुई। १९३३ में हिन्डेनबर्ग ने उन्हें चांसलर नियुक्त किया। बाद में हिन्डेनबर्ग की मृत्यु के बाद हिटलर ने राष्ट्रपति और चांसलर दोनों पदों को मिला कर खुद को ‘फुएहरर’ (सर्वोच्च नेता) घोषित कर दिया।
७. टाइम मैगजीन का ‘मैन ऑफ द ईयर’ – द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने से एक साल पहले १९३८ में टाइम मैगजीन ने हिटलर को यह खिताब दिया था। टाइम के अनुसार यह उपाधि समाचार के प्रभाव और चर्चा के आधार पर दी जाती है। उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था, हालांकि वह एक स्वीडिश राजनेता का तंज था।
८. कंसन्ट्रेशन कैंप कभी नहीं गए – यहूदियों के सामूहिक नरसंहार को हिटलर शासन का सबसे भयानक अध्याय माना जाता है। लेकिन हिटलर खुद कभी उन कंसन्ट्रेशन कैंपों या मृत्यु शिविरों का दौरा नहीं किया, जो उन्होंने बनाए थे। उन्होंने नरसंहार की योजना दूर से नियंत्रित की।
९. पशु प्रेमी – इंसानों पर क्रूर अत्याचार करने वाले हिटलर पशुओं के प्रति प्रेमी थे। यह विवाद है कि वे शाकाहारी थे या नहीं। लेकिन उन्होंने पशु संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाए और वैज्ञानिक परीक्षणों का विरोध किया।
१०. स्वास्थ्य समस्याएँ – उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अटकलें हैं। कुछ इतिहासकारों के अनुसार उन्हें सिफलिस, हंटिंग्टन रोग और पार्किंसन रोग था। उनके हाथों का कंपना पार्किंसन या नशीली दवाओं के सेवन से जुड़ा हो सकता है।
११. हत्या के प्रयासों से बचे – हिटलर पर कई बार हत्या के प्रयास हुए। सही संख्या ज्ञात नहीं है, लेकिन वे २० से अधिक प्रयासों से बच निकले। १९३९ में जॉर्ज एल्सर का बम हमला और १९४४ में क्लाउस वॉन स्टॉउफेनबर्ग का प्रयास सबसे प्रसिद्ध हैं।
१२. उनके भतीजे अमेरिकी सेना में – हिटलर के भतीजे विलियम पैट्रिक हिटलर लिवरपूल में जन्मे थे। १९३० के दशक में वे जर्मनी गए, लेकिन बाद में अमेरिका के पक्ष में अपने ही काका के खिलाफ लड़े। उन्होंने अमेरिकी नौसेना में सेवा करते हुए पर्पल हार्ट पदक जीता।





