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आङसाङ सुकी को जेल से घर में नजरबंदी में स्थानांतरित किया गया

म्यान्मार की नेतृ आङसाङ सुकी को कारावास से घर में नजरबंदी में स्थानांतरित किया गया है। सेना प्रमुख मिन आङ लाइङ ने आङसाङ को बाकी की सजा घर पर पूरी करने का आदेश दिया है। उनके बेटे किम एरिस ने कहा है कि उनकी माँ जिंदा होने का कोई प्रमाण नहीं है और सरकारी तस्वीर का कोई औचित्य नहीं है।

१८ वैशाख, काठमांडू। म्यान्मार की नेतृ आङसाङ सुकी को जेल से घर में नजरबंदी (हाउस अरेस्ट) में रखा गया है। ८० वर्षीय नॉबेल पुरस्कार विजेता सुकी को २०२१ में सैन्य तख्तापलट के बाद पदच्युत कर हिरासत में लिया गया था।

म्यान्मार के सैन्य प्रमुख मिन आङ लाइङ ने कहा, ‘आङसाङ को बाकी की सजा घर पर पूरी करने का आदेश दिया गया है।’ मिन आङ लाइङ स्वयं इस सैन्य तख्तापलट के मुख्य नेता हैं।

नेतृ आङसाङ २०१५ में म्यान्मार की सरकार में आई थीं। उस समय म्यान्मार में पूर्व शासन ने लोकतांत्रिक सुधारों की शुरुआत की थी। इससे पहले वे लंबे समय तक सैन्य शासन के विरोधी और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता रही हैं। उन्हें पहले भी १५ वर्षों तक घर में नजरबंदी में रखा गया था।

म्यान्मार की सरकारी मीडिया में सुकी की एक तस्वीर प्रकाशित हुई है, जिसमें वे दो सैनिकों के साथ बैठी दिख रही हैं। उनके बेटे किम एरिस ने सैन्य सरकार की हालिया घोषणा पर शंका जताई है और कहा है कि उनकी माँ के जिंदा होने का कोई सही प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया में प्रकाशित तस्वीर का कोई औचित्य नहीं है।