ग्लान वंश की पहली राष्ट्रीय भेला सम्पन्न, अर्जुन ग्लान के संयोजन में तदर्थ समिति का गठन

नुवाकोट के दुप्चेश्वर गाउँपालिका–4 गोल्फु नाम्सापुर में ग्लान वंश की पहली राष्ट्रीय भेला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई है। पूर्व संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री हितबहादुर ग्लान तामांग ने करीब एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ग्लान समुदाय के ङारदिम का उद्घाटन किया। इस राष्ट्रीय भेला में अर्जुन ग्लान के संयोजन में 11 सदस्यीय केंद्रीय तदर्थ समिति का गठन किया गया। 20 वैशाख, काठमांडू।
ग्लान वंश नेपाल की इस व्यापक राष्ट्रीय भेलाकार्यों में “कुलपरंपरा और संस्कृति हमारा पहचान, वंश और इतिहास की खोज हमारा अभियान” के मूल नारे के साथ सम्पन्न हुआ। तामांग समुदाय में सम्मिलित ग्लान वंश की पहचान और इतिहास की खोज के क्रम में नुवाकोट के दुप्चेश्वर गाउँपालिका–नाम्सापुरान क्षेत्र को ग्लान समुदाय की उत्पत्ति स्थल माना जाता है। हाल ही में ग्लान वंश के सदस्यों ने इस स्थान को ऐतिहासिक स्थल के रूप में स्वीकार करते हुए ग्लान समुदाय के ङारदिम (थातथलो) के रूप में स्थापित किया है।
कार्यक्रम में तामांग ने नुवाकोट में निर्मित ङारदिम का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सभी से सहकार्य का आग्रह किया। उन्होंने अपनी संस्कृति के संरक्षण में किसी भी प्रकार की कमी न आने देने का संकल्प व्यक्त किया। अर्जुन ग्लान के संयोजकत्व में 11 सदस्यीय केंद्रीय तदर्थ समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों में रक्षबहादुर ग्लान (काठमांडू), ललित ग्लान (मकवानपुर), सर्केस ग्लान (मकवानपुर), छिरिंग दोर्जे ग्लान (नुवाकोट), बच्चुराम ग्लान (तादी), ज्ञानबहादुर ग्लान (दुप्चेश्वर, नुवाकोट), आनंदी ग्लान (ककनी, नुवाकोट), बिना ग्लान (ललितपुर), शर्मिला ग्लान (धादिङ), और करुणा ग्लान (सूर्यगढी, नुवाकोट) शामिल हैं।
तदर्थ समिति के संयोजक अर्जुन ने ग्लान समाज के कुल–कुल्यान, संस्कार, संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई। इस राष्ट्रीय भेला में झापा, उदयपुर, सिन्धुली, सर्लाही, बारा, मकवानपुर, चितवन, गोरखा, नुवाकोट, धादिङ, लमजुङ, काभ्रे, सिन्धुपाल्चोक, काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर सहित विभिन्न जिलों से ग्लान वंश के प्रतिनिधि उपस्थित थे।





