सरकार ४ मंत्रालयों का विलय कर ६ मंत्रालयों के नाम बदलने की योजना बना रही है

सरकार ४ मंत्रालयों को समाप्त कर ६ मंत्रालयों के नाम बदलने की तैयारी में है। युवा और खेल मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलाकर शिक्षा तथा खेल मंत्रालय बनाया जाएगा। संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्रालय को प्रधानमंत्री के अधीन रखा जाएगा और मंत्रालयों की संख्या १७ तक सीमित कर दी जाएगी। २० वैशाख, काठमांडू।
सरकार कुछ मंत्रालयों को बंद करने और कुछ को मिलाकर नए नाम देने की प्रक्रिया में है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ४ मंत्रालयों को समाप्त किया जाएगा। वहीं, अन्य ६ मंत्रालयों के नए नाम तय करने का कार्य अंतिम चरण में है।
‘४ मंत्रालय समाप्त होंगे और ६ के नाम बदले जाएंगे। कुछ मंत्रालयों को तो अलग करके सीधे प्रधानमंत्री के अधीन रखा जाएगा,’ प्रधानमंत्री कार्यालय के स्रोत ने कहा, ‘संभावना है कि इसी सप्ताह ये कार्य पूरा हो जाएगा।’ इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के सचिव गोविन्दबहादुर कार्की की अध्यक्षता में ५ सदस्यों की कार्यदल भी गठित की है।
युवा तथा खेलकुद, पेयजल तथा स्वच्छता, शहरी विकास और संघीय मामलों तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालयों को बंद किए जाने की योजना है। युवा तथा खेलकुद मंत्रालय को अलग किया जाएगा। खेलकूद विभाग को शिक्षा मंत्रालय में मिलाकर शिक्षा तथा खेल मंत्रालय का नाम दिया जाएगा। इससे अलग हुए युवा विभाग को महिला, बालबालिका तथा वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय के साथ स्वास्थ्य तथा जनसंख्या और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के साथ मिलाकर लैंगिक समानता तथा सामाजिक विकास मंत्रालय बनाया जाएगा।
पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय से स्वच्छता विभाग को अलग किया जाएगा, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय में शामिल करने की योजना है। पेयजल और शहरी विकास को भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय में मिलाया जाएगा, जिसका नया नाम एकीकृत भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय रखा जाएगा। ‘साथ ही भौतिक मंत्रालय से अलग होकर यातायात विभाग को श्रम मंत्रालय में लाने की आंतरिक तैयारी है,’ स्रोत ने बताया।
संघीय मामलों तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय को प्रधानमंत्री के अधीन रखा जाएगा। भूमि व्यवस्था, सहकारी और गरीबी निवारण मंत्रालय से गरीबी विभाग, संचार मंत्रालय से सूचना-प्रौद्योगिकी और शिक्षा मंत्रालय से विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग को भी प्रधानमंत्री के अधीन लाने की योजना है। कार्यदल के प्रस्ताव के अनुसार ये परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है। सरकार मंत्रालयों की संख्या १७ तक सीमित करते हुए अधिक जिम्मेदारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन लाने की तैयारी कर रही है।
सरकार द्वारा जारी किए गए सौ बिंदुओं वाले प्रशासनिक सुधार में भी संघीय मंत्रालयों की संख्या घटाने का जिक्र है। इन्हीं सुधारों को अमल में लाते हुए सरकार यह निर्णय लेने जा रही है।





