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मिना खड़का की पहली रचना ‘मेरा स्कूल’ का विमोचन

मिना खड़का की पहली पुस्तक ‘मेरा स्कूल’ जारी की गई है, जिसमें शिक्षा से संबंधित अनुभवों और सामाजिक वास्तविकताओं को समेटा गया है। इस पुस्तक में विद्यालय जीवन के अनुभव, शिक्षक-विद्यार्थी संबंध और शिक्षा के महत्व को सरल और भावुक शैली में प्रस्तुत किया गया है। लेखिका खड़का ने लेखन को समाज परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए भविष्य में इसी प्रकार की कृतियाँ प्रस्तुत करने की योजना बताई है।

काठमांडू। ‘मेरा स्कूल’ पुस्तक शिक्षा से जुड़े अनुभवों, स्मृति और सामाजिक यथार्थ को समेटती है। इसमें विभिन्न व्यक्तियों के विद्यालय जीवन के अनुभव, शिक्षा का महत्व, शिक्षक-विद्यार्थी संबंध और समाज पर शिक्षा के प्रभाव को सहज और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक के विमोचन के बाद साहित्य प्रेमियों और पाठकों ने खड़का के प्रयास की प्रशंसा की है।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक संदेश देने वाली यह कृति खासकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को आकर्षित करने का विश्वास लेखिका खड़का ने व्यक्त किया है। उन्होंने आगामी दिनों में भी इसी प्रकार की समाज केंद्रित कृतियाँ लाने की योजना साझा की। उनके अनुसार लेखन केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं बल्कि समाज परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। ‘मेरा स्कूल’ पुस्तक वर्तमान में पाठकों के लिए बाजार में उपलब्ध है।

पत्रकारिता के क्षेत्र से आने वाली खड़का वर्तमान में अमेरिका में निवासरत हैं और अध्ययन तथा लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका स्थायी घर सल्यान जिला है।