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कर्मचारी ट्रेड यूनियन व्यवस्था समाप्त करने का अध्यादेश जारी

सरकार ने कर्मचारी ट्रेड यूनियन की व्यवस्था समाप्त करने वाला अध्यादेश राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल द्वारा रविवार को जारी किया। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी ने कर्मचारी ट्रेड यूनियन हटाने को अपनी सौ बिंदु कार्यसूची में शामिल किया था। हालांकि, छह दलगत कर्मचारी संगठनों ने ट्रेड यूनियन की व्यवस्था बनाए रखने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

२० वैशाख, काठमांडू। सरकार ने कर्मचारी ट्रेड यूनियन की व्यवस्था समाप्त कर दी है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने रविवार को कुछ नेपाल कानूनों में संशोधन करने वाला अध्यादेश जारी किया, जिसमें ट्रेड यूनियन को खत्म करने का प्रावधान है। मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर राष्ट्रपति पौडेल ने यह संशोधन अध्यादेश जारी किया। इसके अनुसार कानून में संशोधन करते हुए ट्रेड यूनियन की व्यवस्था समाप्त की जा रही है।

संघीय निजामती सेवा विधेयक में ट्रेड यूनियन की व्यवस्था न रखने के लिए संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय तैयारी कर रहा था। विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए राय और सुझाव मांगे जा रहे थे, उसी बीच अध्यादेश जारी कर दिया गया। ‘‘दलीय और सरकारी किसी भी ट्रेड यूनियन की अनुमति नहीं होगी। कर्मचारियों की शिकायतें सुनने का प्रावधान बनाए रखा जाएगा,’’ एक सूत्र ने बताया।

आधिकारिक ट्रेड यूनियन की व्यवस्था हटाए जाने के बाद विधेयक का मसौदा तैयार करते समय दलगत कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया। छह दलगत कर्मचारी संगठनों ने निजामती सेवा विधेयक में ट्रेड यूनियन का प्रावधान रखने की मांग करते हुए बयान जारी किया है। कर्मचारी पेशागत हक-हित के लिए संगठन बनाने के अधिकार पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो ट्रेड यूनियन नेटवर्क ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी है। आंदोलन की चेतावनी देने वाले दलगत संगठन नेपाल निजामती कर्मचारी संगठन, नेपाल निजामती कर्मचारी यूनियन, नेपाल राष्ट्रीय निजामती कर्मचारी संगठन, एकीकृत सरकारी कर्मचारी संगठन, नेपाल मधेशी निजामती कर्मचारी मंच और स्वतन्त्र राष्ट्रसेवक कर्मचारी संगठन हैं। निजामती सेवा को प्रभावी बनाने और कर्मचारियों को दलीय प्रभाव से मुक्त करने के लिए ट्रेड यूनियन की व्यवस्था हटाने की मंत्रालय की दलील है।