
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जोसेफ विजय की पार्टी टीव्हीके को २३४ सीटों में से १०७ से १०९ सीटों तक बढ़त मिल रही है, जिसने इसे सबसे प्रमुख पार्टी के रूप में स्थापित कर दिया है। विजय ने २०२४ में राजनीति में प्रवेश किया और अपनी अभिनय जीवन से हटकर टीव्हीके की स्थापना की थी, अब उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना बहुत मजबूत नजर आ रही है। चुनावों में सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एमआईएडीएमके को पीछे छोड़ते हुए टीव्हीके ने द्रविड़ राजनीति में एकाधिकार को तोड़कर सामाजिक न्याय पर जोर दिया है। २१ वैशाख, काठमांडू।
दक्षिण भारतीय सिनेमा क्षेत्र में अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं, जहाँ नायक कुछ सेकंड में ही परिस्थितियाँ बदल देते हैं। क्या वास्तव में राजनीति में भी ऐसा संभव है? भारतीय सुपरस्टार जोसेफ विजय ने लगभग फिल्मी शैली में तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राजनीतिक भूकंप ला दिया है। उन्होंने दशकों से कायम परंपरागत राजनीति को पूरी तरह हिला कर ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रहे हैं। सोमवार से शुरू हुई मतगणना के ताजा रुझान और परिणाम विजय को केवल पर्दे पर ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति का नया नायक बना चुके हैं।
उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेट्ट्री कज़गम’ (टीव्हीके) ने पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग लेकर तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सत्तासीन डीएमके पार्टी और मुख्य विपक्षी एआईएडीएमके को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया है। इस जीत से वह अपने प्रशंसकों द्वारा प्यार से ‘थलापथी’ यानी सेनापति कहे जाने वाले जोसेफ विजय को तमिलनाडु का अगला मुख्यमंत्री बनने की संभावना और मजबूत कर दिया है।





